रायबरेली: गंगा का बढ़ रहा जलस्तर, प्रशासन का बाढ़ की संभावना से इंकार
डलमऊ, रायबरेली, अमृत विचार। पहाड़ों के साथ मैदानी भागों में हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जिससे कटरी के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हर दिन गंगा का प्रति घंटे 2 सेमी बढ़ रहा है। वहीं नदी किनारे मिट्टी कटान तेजी के साथ हो रहा है। इधर अधिकारियों का दावा है कि बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम किए गए हैं।
वहीं अधिकारी बाढ़ की संभावना से इंकार कर रहे हैं जबकि गंगा का जलस्तर तेज से बढ़ रहा है। डलमऊ में गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है और खतरे का निशान 99.360 मीटर पर है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर डलमऊ में 97.010 मीटर पर रहा। ऐसे में गंगा खतरे की निशान की ओर बढ़ रही हैं।
गंगा कटरी क्षेत्र के ग्राम चक मलिकभीटी, जमालनगर मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, अंबहा, बबूरा, पूरे रेवती सिंह, चांदपुर लुक, कल्याणपुर बैंती गांव के ग्रामीणों में बाढ़ की आशंका सताने लगी है। नदी पानी के बहाव से मिट्टी कटान हो रही है। जहरीले जीव जंतु आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।
एसडीएम डलमऊ आशाराम वर्मा ने बताया कि अभी बाढ़ का खतरा नहीं है और नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार होने पर ही बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। वहीं ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना गंगा घाट सहित अन्य घाटों पर बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे लोगों में दहशत है। गंगा गोकर्ण जन कल्याण सेवा समिति के सचिव जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि घाट पर पानी तेजी से बढ़ रहा है।
पुरोहितों ने अपनी चौकियां ऊपर कर ली हैं। वहीं बादशाहपुर, गोलाघाट, पूरे तीर बहादुरगंज व कल्यानी घाट पर लोगों को किनारे पर ही स्नान करने का निर्देश दिया गया। एसडीएम सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान घाटों की निगरानी कराई जा रही है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 97.010 मीटर पर रहा। दो घंटे में एक सेमी की रफ्तार से नदी का पानी बढ़ रहा है।
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