बिजनौर: 10 घंटे बाद मिले नदी किनारे झाड़ियों में फंसे बच्चियों के शव, धोई नदी में गिरा था सवारियों से भरा वाहन
नगीना (बिजनौर), अमृत विचार। नगीना-धामपुर हाईवे स्थित गांव पुरैनी में गुरुवार रात नदी में गिरे वाहन सवार ननद-भाभी की मौत के बाद पानी में बही दो बच्चियों की जान चली गई। शुक्रवार सुबह आठ बजे 10 घंटे बाद दोनों बच्चियों के शव नदी किनारे झाड़ियों में फंसे मिले।
मोहल्ला कलालान निवासी अनवर (30) मैजिक वाहन में सवार होकर पत्नी रूबी (27), बहन शानवी (15), बेटी उमेदा (3.5) व डेढ़ वर्षीया आयशा को लेकर गांव पुरैनी से दवा लेने गया था। दवा लेने के बाद वे सभी पुरैनी स्थित अपनी रिश्तेदारी में रुक गए थे। गुरुवार रात 9:30 बजे वे हाईवे स्थित टोल प्लाजा से बचने के लिए गांव कस्बा कोटरा के जंगल के रास्ते से नगीना आ रहे थे। जब वे धोई नदी के पास पहुंचे तो रास्ते में पानी का बहाव तेज था। जिससे उनका मैजिक वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिर गिया।
मैजिक में सवार पांचों लोग नदी के पानी में बह गए। हालांकि चालक अनवर तैरकर पानी से बाहर निकल आया। उसने घटना की सूचना पुलिस को दी तो थाना प्रभारी रविंद्र कुमार वशिष्ठ पुलिस बल के साथ हैड्रा लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। गोताखोरों को पानी में उतारा। उन्होंने वाहन को बाहर निकलवाया। वाहन में अनवर की पत्नी रूबी मृत मिली थी जबकि उसकी बहन शानवी गंभीर हालत में थी। लेकिन दोनों बच्चियां नदी में बह गई थीं। पुलिस रूबी व शानवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शानवी को भी मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार सुबह थाना प्रभारी बच्चियों की तलाश में गोताखोरों को लेकर नदी पर पहुंचे। पांच घंटे तक उनकी नदी में तलाश की। इस बीच सुबह आठ बजे आयशा का शव नदी किनारे झाड़ियों में मिला। इसके दो घंटे बाद उमेदा का शव भी कुछ दूरी पर मिल गया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ननद-भाभी के शवों का भी पोस्टमार्टम कराया। उधर, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, एसडीएम शैलेंद्र कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह, थाना प्रभारी रविंद्र कुमार वशिष्ठ ने मृतकों के परिजनों के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधाया। चेयरपर्सन पुत्र शाहनवाज खलील ने भी रात में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। चारों लोगों की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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