अयोध्या: रामपथ पर जलापूर्ति कर पाना जलकल के लिए टेढ़ी खीर
अयोध्या, अमृत विचार। जनता का धैर्य जवाब दे न दे लेकिन नगर निगम के जलकल विभाग के सब्र का बांध अब टूटने लगा है। तीन महीने से लगातार जलापूर्ति के दबाव से बेहाल जलकल विभाग के कर्मी हांफने लगे हैं। रामपथ पर लगातार टूटती पाइप लाइनों को लेकर विभाग अब हाथ खड़े कर देने की मुद्रा में आ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि निर्माण एजेंसी की कार्यशैली के चलते स्थिति निरंतर भयावह होती जा रही है। यदि ऐसा ही रहा तो अबाध जलापूर्ति मुश्किल है।
तेरह किलोमीटर के दायरे के रामपथ पर चल रहे काम ने तीन महीने से सात किलोमीटर के दायरे में जबरदस्त छीछालेदर मचा रखी है। कहने को तो जिला प्रशासन की ओर से मानीटरिंग की जा रही है लेकिन बेहाल व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं दिख रहा है। जगह-जगह खोदाई से लोग बाग जैसे तैसे राह चल रहे हैं लेकिन निर्माणाधीन रामपथ के इर्द-गिर्द रहने वालों को कई संकटों का सामना करना पड़ रहा है।
जलकल विभाग के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इन तीन महीनों के दौरान खोदाई की चपेट में आकर 350 से अधिक पाइप लाइनें टूट चुकीं हैं। इनमें से 250 पाइप लाइन तो केवल नियावां चौराहे से उदया चौराहे तक टूटी हैं। औसतन रोजाना 10 से 15 पाइप लाइन टूटी रही है जिसके चलते निर्माणाधीन रामपथ के सात किलोमीटर के दायरे वाले तीस से अधिक मोहल्लों की आबादी लगातार जलापूर्ति संकट से प्रभावित हो रही है।
जलकल विभाग की माने तो नगर क्षेत्र में कुल 38 नलकूप हैं जिन्हें इन तीन माह के दौरान 35 बार बंद किया जा चुका है। इतना ही नहीं इनमें से 16 नलकूप तो बीते एक सप्ताह से लगातार बंद चल रहे हैं। जुलाई के प्रथम सप्ताह में ही सभी 38 नलकूपों को दो बार पूरे तौर पर शटडाउन किया जा चुका है।
वर्तमान में स्थिति यह है कि नगर निगम के जलकल विभाग के अधिशासी अभियन्ता अनूप सिंह द्वारा नियमित रूप से टूटी पाइप लाइनों की सूची सौंपी जा रही है लेकिन उनमें से केवल तीन या चार पाइप लाइन ही दुरुस्त की जा रही है। विभाग के अधिकारी खुल कर तो कुछ नहीं बोलते लेकिन इतना जरूर कह रहे हैं स्थिति इतनी दुरुह है कि चुपचाप बैठने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं है।
सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं यह क्षेत्र
पाइप लाइनों के लगातार टूटने के चलते रिकाबगंज से साहबगंज और उदया चौराहे का क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित है। रिकाबगंज के दस मोहल्लों में तो पांच दिनों से लोगों को एक बूंद पानी नहीं नसीब हुआ है। वहीं नियावां से लेकर नहरबाग, तेलीटोला, ठठरहिया, अंगूरीबाग, गुदड़ीबाजार, खवासपुरा और राठहवेली तक भी यही हालात हैं। इसके अलावा टेढ़ी बाजार, हनुमानगढ़ी रोड पर भी निरंतर पाइप लाइन टूटने से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
निरंतर पाइप लाइनें टूट रहीं हैं और रिपोर्ट की जा रही है। पाइप लाइनों के टूटने के मुकाबले मरम्मत की स्थिति बेहद खराब है। नगर निगम लगातार प्रयासरत है लेकिन निर्माण एजेंसी का पूरा सहयोग नहीं मिल रहा है... अनूप कुमार सिंह, अधिशासी अभियन्ता, जलकल, नगर निगम, अयोध्या।
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