बरेली: ये है सेंट्रल बोर्ड..! मार्कशीट में संशोधन के लिए 17 महीने की दौड़ भी नाकाम

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। वर्ष 2017 में 10वीं की परीक्षा के बाद गलत मार्कशीट जारी होने के बाद उसमें संशोधन के लिए सूर्या एन्क्लेव में रहने वाले यश पांडेय 17 महीनों से दौड़ लगा रहे हैं लेकिन सीबीएसई के अधिकारी हैं कि सुनने को तैयार नहीं हैं। अब स्नातक की पढ़ाई कर रहे यश मार्कशीट की वजह से आगे की पढ़ाई में अड़चन आने की आशंका से परेशान हैं। उन्होंने सीबीएसई के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि अगर 31 जुलाई तक संशोधित मार्कशीट जारी न की गई तो वे कोर्ट में दावा ठोंकेंगे।

यश पांडेय के मुताबिक उन्होंने परीक्षा 2017 में पद्मावती एकेडमी में पढ़ते हुए 10वीं की परीक्षा पास की थी। उन्हें जो मार्कशीट मिली, उसमें पिता का नाम गलत प्रिंट था। शिकायत करने पर स्कूल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि जल्द संशोधन हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने 12 वीं भी पास कर ली लेकिन संशोधन नहीं हुआ। अब वह स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं और आशंका है कि मार्कशीट की गड़बड़ी ठीक न हुई तो आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने में दिक्कत आ सकती है।

यश ने बताया कि मार्कशीट में संशोधन के लिए वह स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य सहित प्रयागराज और दिल्ली में सीबीएसई के उच्चाधिकारियों को कई बार पत्र लिख चुके हैं। अधिकारियों ने उनसे कई-कई बार शपथ पत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा कराए लेकिन उनकी मार्कशीट संशोधित नहीं की। उन्होंने कहा कि अब अगर 31 जुलाई तक उनकी संशोधित मार्कशीट नहीं मिली तो वह न्यायालय की शरण लेंगे।

छात्र के आवेदन पर स्कूल ने सभी जरूरी दस्तावेज भेज दिए हैं। सीबीएसई में मार्कशीट संशोधन में इतनी देर नहीं होनी चाहिए। स्कूल भी कोशिश करेगा कि जल्द से जल्द छात्र को मार्कशीट मिल सके। - पारुष अरोड़ा , प्रबंधक पद्मावती एकेडमी

बेटे की मार्कशीट में संशोधन के लिए बहुत भागदौड़ कर चुके हैं लेकिन सीबीएसई के अधिकारियों का रवैया निराशाजनक है। अपने छात्र के भविष्य की भी उन्हें परवाह नहीं है। अब कोर्ट में केस करने का निर्णय लिया है। -प्रवेश पांडेय , यश के पिता

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