बरेली: कुतुबखाना पुल ने जिला अस्पताल में घटाए 25 फीसदी मरीज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कुतुबखाना पुल के निर्माण की वजह से जिला अस्पताल आने वाले रास्ते ब्लॉक कर दिए जाने से यहां आने वाले मरीजों की 25 फीसदी तक घट गई है। बुजुर्ग मरीज सबसे ज्यादा दिक्कत में हैं। अस्पताल प्रशासन की बेपरवाही की वजह से उन्हें अस्पताल आने में नहीं बल्कि यहां पर्चा बनवाने और दवा लेने में भी भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

सरकारी अस्पतालों में हर सोमवार को मरीजों की भीड़ उमड़ती है लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार घट रही है। कुतुबखाना पुल के निर्माण के लिए इधर कई रास्ते बंद कर दिए जाने के कारण ज्यादातर मरीज तीन सौ बेड अस्पताल पहुंच रहे हैं लेकिन वहां उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार जिला अस्पताल में सोमवार को सिर्फ 970 मरीज पहुंचे जबकि आम तौर पर यह आंकड़ा 12 से 15 सौ तक रहता है। तीन सौ बेड अस्पताल में सोमवार को छह सौ से ज्यादा मरीज पहुंचे जबकि इससे पहले यहां मरीजों का औसत चार सौ से पांच सौ रहता था।

तीन सौ बेड अस्पताल के दोनों फिजिशियन अटैच
तीन सौ बेड अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है लेकिन डॉक्टर की कमी से उनका इलाज नहीं हो पा रहा है। यहां तैनात दोनों फिजिशियन अटैच कर दिए गए हैं। एक को विभागीय जांच के कारण जिला अस्पताल अटैच किया गया है, दूसरे डॉक्टर का स्थानांतरण जिला कुष्ठ रोग कार्यालय कर दिया गया है।

बुजुर्गों का हाल सबसे खराब
देहात से यहां इलाज कराने आए हैं। बुजुर्ग होने के बाद भी घंटों से लाइन में लगे हैं, खड़े-खड़े पैरो में दर्द हो गया है लेकिन यहां कोई सुनने वाला नहीं है। - शफी एहमद, ढकिया देवरनियां

बुजुर्गों के लिए दवा लेने और पर्चा बनवाने के काउंटर की संख्या बढ़ानी चाहिए। कहने को यहां बुजुर्गों की अलग लाइन है लेकिन इसमें कोई भी लग जाता है। - रामभरोसे, फरीदपुर

मुझे सांस की बीमारी है। फिर भी दवा लेने के लिए काफी देर से लाइन में लगा हुआ हूं। बुजुर्गों की लाइन में युवा भी लगे हुए हैं, इन्हें कोई टोकने वाला नहीं है। - मोहम्मद इलियास, बिहारीपुर

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