मुरादाबाद : दूषित जल से टायफाइड-पीलिया और डायरिया के बढ़े मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन, बालरोग विशेषज्ञ के कक्ष के अंदर और बाहर भीड़
मुरादाबाद,अमृत विचार। बरसात में दूषित जल के चलते बड़े और बच्चे टायफाइड, डायरिया, पीलिया से ग्रसित होकर इलाज करा रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी के अलावा निजी चिकित्सकों की क्लीनिक पर भी मरीजों की भीड़ है। महानगर के अधिकांश मोहल्लों के अलावा ग्रामीण क्षेत्र में भी डायरिया कहर बना है।
बारिश के दौरान नाली का पानी सड़कों पर बहने और जगह-जगह सीवरेज पाइप लाइन डालने के कार्य के चलते टूटी पेयजल पाइप लाइन से नाली का पानी घरों में पहुंच रहा है। इस दूषित पानी को पीने से महानगर के कई मोहल्ले डायरिया, पीलिया, टायफाइड की चपेट में हैं। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लंबी कतार रही। फिजिशियन और बालरोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर बड़ी उम्र के और मासूम मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे। इसमें से अधिकांश इन्हीं बीमारियों से ग्रसित रहे। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एनके मिश्र का कहना है कि बरसात में दूषित पेयजल से जलजनित बीमारियां अधिक बढ़ती हैं।
पेयजल पाइप लाइन टूटी होने से दूषित जल घरों में पहुंच जाता है। जिसके माध्यम से कीटाणु आंत में पहुंचकर संक्रमित करते हैं जिससे टायफाइड होता है। इसलिए लोगों को पानी उबाल कर उसे ठंडा कर पीना चाहिए। वाटर प्यूरीफायर का पानी भी हितकर है। टैप वॉटर का पानी पाइप लाइन टूटने से दूषित हो रहा है। सचेत रहने की जरूरत है। बाजार में सड़क किनारे की दुकानों पर खुले में बेची जा रही खाद्य सामग्री, कटे फल, बासी भोजन से परहेज करें। घर का बना ताजा भोजन करें। फिर भी बीमारी से ग्रसित होते हैं तो किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से दिखाएं।
महानगर के वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि गंगल का कहना है कि उनके क्लीनिक पर इन दिनों औसतन 50-60 ऐसे मरीज आ रहे हैं। महानगर के कई मोहल्लों जैसे आशियाना, रामगंगा विहार आदि में सीवरेज पाइप लाइन डालने के चलते खोदाई में पेयजल पाइप भी टूटी है। इसके रास्ते दूषित पानी भी घरों में पहुंच रहा है। जो टायफाइड, पीलिया, डायरिया की वजह बन रहा है। यह सभी जलजनित बीमारियां हैं जो दूषित पानी के चलते होती हैं। इसलिए बच्चों को बाहर का चटपटा, फॉस्ट फूड, खुले में मिलने वाली सामग्री न दें। पानी उबाल कर ठंडा कर पिलाएं।
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