कासगंज: डूबने के कगार पर हैं गांव बरौना के चार स्टड, भयभीत हैं ग्रामीण

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Edited By Amrit Vichar
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हाई अलर्ट के बाद दिन रात निगेहवानी, डीएम ने लिया जायजा

कासगंज, अमृत विचार। गंगा के जलस्तर में तेजी के साथ बढोत्तरी हो रही है। अधिकारी दिन रात निगेहबानी कर रहे हैं। तब भी ग्रामीणों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही। सिंचाई विभाग की चिंता बनी हुई तो वहीं तटवर्ती ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। इस बीच जलस्तर में अभी और भी बढोत्तरी की संभवना जताई गई है।

खेत पहले से ही जलमग्न हैं और अब 30 से अधिक गांव पूरी तरह पानी से घिर चुके हैं। पानी आबादी के बीच तक घुस गया है। इधर गांव बरौना में बनाए गए स्टडों में चार स्टड क्षतिग्रस्त होकर पूरी तहर डूबने की कगार पर हैं। इधर डीएम हर्षिता माथुर ने गांव दतलाना पहुंचकर कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया है।

जलस्तर बढ़ने के साथ ही गंगा नदी में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। गंगा में मध्यम बाढ़ है। गंगा का फाटा पहले से ही भर चुका है। अब जो भी पानी बढ़ रहा है वह ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। सिंचाई विभाग के अधिकारी भी बढ़ते जलस्तर को देख काफी चिंतित हो गए हैं। अधिकारी दिन रात निगेहबानी कर रहे हैं। सबसे अधिक मुसीबत कासगंज क्षेत्र के गांव दतलाना का कटा हुआ बांध बढ़ाता दिख रहा है।

वहीं कादरगंज पर बने बांध पर भी मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाया है। पानी का बहाव तेज होने से इन बांधों पर काम नहीं हो पा रहा है और यहां बांध तेजी के साथ कट रहे हैं। सिंचाई विभाग की टीमें दिन रात निगरानी कर रही हैं। फिर भी यहां राहत मिलती नहीं दिख रही है। इसको लेकर चिंताएं काफी बढ़ी हुई हैं।

हरिद्वार में टूटे फाटक ने बढ़ाई चिंता
हरिद्वार में बैराज पर फाटक टूट गया है। जिससे यहां और भी अधिक चिंता बढ़ गई है। फाटक टूटने के बाद बैराजों पर पानी का दबाव बढ़ा हुआ है। यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो कासगंज क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में तबाही हो सकती है।

अन्य क्षेत्रों के भी हालात खराब
गांव बरौना, बमनपुरा, नगला दल, मिहोला, नगला शंभू, कादरगंज खाम, लहरा, दतलाना, महमूदपुर पुख्ता के हालात भी खराब हैं। यहां पानी ने गांव की आबादी को घेर लिया है। पानी घरों में घुसने को आतुर दिख रहा है। ग्रामीण परेशान हैं।

जल भराव के बीच से गुजर रहे लोग
बरौना बमनपुरा सहित 30 गांवों की आबादी तक पानी पहुंचने के बाद लोग जरुरी काम के लिए जलभराव के बीच से गुजर रहे हैं। खेत पानी में डूब गए हैं। फसलें पूरी तरह जलमग्न हैं।

आंकड़े की नजर से
-101801 क्यूसेक पानी हरिद्वार बैराज से छोडा गया।
-124035 क्यूसेक पानी बिजनौर बैराज से छोड़ा गया।
-213749 क्यूसेक पानी नरौरा बैराज से छोड़ा गया।
-163.90 मीटर जलस्तर रविवार को रहा कछला नदी में।

बांधों पर मरम्मत का काम चल रहा है। दतलाना बांध ग्रामीणों ने गांव  का पानी निकालने के लिए पूर्व में काट दिया था। पानी का दबाव बढ़ा हुआ है। पूरी तरह अधिकरी निगरानी कर रहे हैं---अरुण कुमार, अधिशाषी अभियंता सिंचाई।

गांव में जलस्तर का रुख आबादी की ओर हो गया है। पानी तेजी के साथ बढ़ा है। चिंता का विषय है। गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए---प्रमोद कुमार, बरौना।

हमने पहले ही आशंका जताई थी कि जो कार्य कराए जा रहे हैं वो मजबूत नहीं हैं और बाढ़ के दौरान खतरा होगा। आशंका सही निकली--- बालक राम शाक्य, बरौना।

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