बाराबंकी : तेंदुए के हमले में दो घायल, गांव में दहशत का माहौल
फतेहपुर /बाराबंकी, अमृत विचार। तेंदुए के हमले से दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हे स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाया गया। जहां एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है और दूसरे का इलाज निजी चिकित्सालय में चल रहा है। उधर तेंदुए के हमलावर होने के बाद गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर पग चिन्हों के आधार पर जंगली जानवर की पहचान तेंदुए के रूप में की है। और उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया है। वनाधिकारियों ने ग्रामीणों में झुंड में रहने के साथ घर अकेले घर के बाहर न निकलने की सलाह दी है।
थाना मोहम्मदपुर खाला क्षेत्र के ग्राम अहिबनापुर मजरे पारा में बुधवार को सुबह करीब 11 बजे एक लड़के को तेंदुआ दिखा। जिस पर उसने शोर मचाया। शोर सुनकर पड़ोस खेत में काम कर रहे अहिबनापुर निवासी धनीराम पुत्र जगदेव आ गए। तभी तेंदुए ने धनीराम को बुरी तरह से घायल कर दिया। धनीराम को बचाने आए जगजीवन पुत्र सोहन को भी हमलावर तेंदुए ने घायल कर दिया। ग्रामीणों के एकत्र होने पर तेंदुआ पास के सियाराम की कर्बीयुक्त खेत में चला गया। आनन फानन में घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूरतगंज ले जाया गया। जहां धनीराम की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहीं सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पग चिन्ह के आधार पर उसकी पहचान तेंदुए के रूप में की। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीम कांबिंग में जुट गई है।
वहीं तेंदुए द्वारा किए गए इस हमले से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को झुंड में रहने के साथ अकेले घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। बताते चले कि पिछले वर्ष भी जिले के कई क्षेत्रों में तेंदुआ देखा गया था। कई दिनों तक टीम ने कॉम्बिंग भी की थी लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
अहिबनापुर गांव में जो पगचिन्ह मिले हैं वह तेंदुए के हैं। जिसके हमले से दो लोग घायल हुए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए टीमें लगा दी गईं हैं। जाल बिछा दिया गया है। हो सकता है कि तेंदुआ बहराइच जिले के जंगल से भटकते हुए आ गया हो।
-रूस्तम परवेज, प्रभागीय निदेशक, वन विभाग, बाराबंकी।
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