Kanpur में आकर आलिया और रणवीर सीख गए चउकस शब्द का मतलब, ठेठ कनपुरिया अंदाज में हुए रूबरू, फिल्म का किया प्रमोशन
शहर आकर ‘कनपुरिया’ सीख गए आलिया और रणवीर।
शहर आकर ‘कनपुरिया’ सीख गए आलिया भट्ट और रणवीर सिंह। बातचीत के दौरान ‘चउकस’ और ‘कंटाप’ जैसे शब्दों का आलिया ने मतलब भी पूछा।
कानपुर, अमृत विचार। फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट और अभिनेता रणवीर सिंह को कानपुर इतना पसंद आया कि वे ‘कनपुरिया’ रंग में ही रऐ बसे नजर आए। वे शनिवार को अपनी फिल्म ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ का प्रमोशन करने शहर आए हुए थे। फिल्म 28 जुलाई को सिनेमाघरों पर आएगी। बातचीत के दौरान दोनो ही ठेट कनपुरिया अंदाज में रूबरू हुए। हालांकि आलिया भट्ट ने जरूर ‘कंटाप’ और ‘चउकस’ जैसे कनपुरिया शब्दों का मतलब रणवीर से पूछ ही लिया।
‘मेरी फिल्म बहुत चउकस है, हमारा काम बहुत चउकस है, फिल्म बनी बहुत चउकस है और भौकाली के साथ सभी लोग फिल्म देखने आए।‘ अभिनेता रणवीर सिंह का अपनी फिल्म प्रमोट करने का शहर में अंदाज निराला रहा। रणवीर के साथ आई आलिया भट्ट भी कुछ देर बाद रणवीर सिंह के ही अंदाज में नजर आईं तुरंत रणवीर से पूछा कि यह ‘चउकस’ क्या होता है, इसपर रणवीर के जवाब देने पर उन्होंने कहा कि ‘यह शहर बहुत चउकस है, यहां के लोग बहुत चउकस है’।
बातोबातों में कनपुरिया शब्दों को सीखने का सिलसिला भी शुरू हो गया। इसके बाद दोनो ही लोगों ने ‘कंटाप’ शब्द को बारीकी से समझा, यहीं नहीं यह सिलसिला यही नहीं रुका और ‘गर्दा उड़ा दिए गुरु’, ‘भोकाल’ और ‘भौकाल’ में अंतर भी पूछ ही लिया। जाते-जाते दोनो ही फिल्मी सितारों ने ठेट कनपुरिया खाने के बारे में भी गहराई से जानकारी ली।
पत्नी के साथ आए तो कहां जाएं?
शहर के निराले अंदाज की परख के बाद रणवीर सिंह ने पूछा कि यदि मै अपनी पत्नी के साथ शहर आऊं तो कहां जाऊ ? जवाब सुनकर आलिया और रणवीर दोनो ही शहर के खाने पर चर्चा करने लगे और यहां के खाने की जानकारी ली।
मै तो 12 बजे सो कर उठती हूं
बातचीत के दौरान फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा कि आम दिनों में मै सुबह 7 बजे उछ जाती हूं। इसके अलावा जिस दिन उनकी कोई फिल्म रिलीज होती है उस दिन वे दोपहर 12 बजे तक सोकर उठती है। इसकी वजह उन्होंने बताया कि जिस दिन फिल्म रिलीज होती है उस दिन वे बहुत नर्वस होती है। ऐसे में 12 बजे फिल्म के पहले शो की बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट आने लगती है तो उसका इंतजार वे नहीं कर पाती।
