बरेली: प्रमुख सचिव के जाने के बाद सेटेलाइट बस अड्डे पर फिर से खेल शुरू
बरेली, अमृत विचार। प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वर लू के शुक्रवार को दौरे के दौरान सेटेलाइट बस अड्डे बदला-बदला नजर आया। यहां से अवैध तरीके से चल रही दुकानों का अतिक्रमण हटाने के बाद सवारियां भरने वाले निजी वाहनों को भी हटा दिया गया था, लेकिन शनिवार को बस अड्डे के फिर वही हालात हो गए।
सेटेलाइट बस अड्डे के बाहर डग्गामार वाहन सवारियां भरकर परिवहन निगम को चूना लगा रहे हैं। इसे विभागीय अधिकारियों की उदासीनता कहें या फिर मिलीभगत जिसकी वजह से रोडवेज की बसें खाली दौड़ रही हैं। जिससे लाखों रुपये के सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है। शुक्रवार को सेटेलाइट बस अड्डा पूरी तरह से खाली और अतिक्रमण से मुक्त नजर आया। प्रमुख सचिव के दौरे को लेकर अधिकारियों ने सेटेलाइट बस अड्डे पर 50 कर्मचारियों को तैनात करके सब कुछ ठीकठाक कर दिया था।
पीलीभीत और बीसलपुर के लिए चलते हैं वाहन
शासन के निर्देश हैं कि बस अड्डे के आसपास से कोई भी निजी वाहन सवारी नहीं भर सकता है, लेकिन सेटेलाइट बस अड्डे के पास से निजी टैक्सी और बसें सवारियां भरती हैं। निजी वाहनों के चालक सारी हदें पार करते हुए बस अड्डे के अंदर आकर सवारियों को ले जाते हैं। इतना ही नहीं डग्गामार वाहन चालक सवारियों से तय किराए से ज्यादा रुपये भी वसूलते हैं और मानक से ज्यादा सवारियां बैठाते हैं।
अवैध ठेले और स्टैंड से लगता है जाम
यहां अस्थाई अवैध स्टैंड पर डग्गामार वाहनों के रुकने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। यातायात पुलिस भी इन अवैध वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है। बस अड्डे के बाहर लगने वाले ठेले भी जाम लगाते हैं।
गलत तरीके से चल रही दर्जनों दुकानें
सेटेलाइट बस अड्डे पर अधिकारियों द्वारा एक फूड प्लाजा और पराग पार्लर का अनुबंध जारी किया गया है, लेकिन फूड प्लाजा संचालक ने दर्जनों ठेले लगाकर बस अड्डे परिसर में अवैध अतिक्रमण किया है। प्रमुख सचिव के निरीक्षण के समय अधिकारियों ने सभी अवैध ठेलों को हटवा दिया था, लेकिन शनिवार को सभी वापस लग गए।
बस अड्डे के आसपास से अगर निजी वाहन सवारी भर रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। वहीं अगर परिसर में अवैध दुकानें संचालित हैं तो उन्हें बंद कराया जाएगा।-योगेन्द्र पाल सिंह, एआरएम रुहेलखंड डिपो
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