बरेली: नगर निगम को मिलेंगे 295 करोड़, मगर पहले देनी होगी कार्ययोजना
प्रमुख सचिव के निर्देश पर नगर आयुक्त ने सभी विभागों को योजना बनाने को कहा
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम को शासन से विकास कार्यों के लिए करीब 295 करोड़ की राशि मिल सकती है बशर्ते वह पहले ही अपनी कार्ययोजना बनाकर दे। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव की ओर से इस संबंध में पत्र आने के बाद नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने नगर निगम के सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए अपनी कार्ययोजनाएं बनाकर देने को कहा है।
राज्य सरकार अब तक विभागों को परंपरागत ढंग से हर साल उसका अंश जारी करती थी लेकिन अब धन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कार्ययोजना मांगनी शुरू कर दी है। बरेली नगर निगम के लिए इस वित्तीय वर्ष के लिए राज्य वित्त से 19525.98 लाख रुपये और 15वें वित्त के तहत 9970.98 लाख रुपये का अनुदान दिया जाना प्रस्तावित है। इस तरह नगर निगम को कुल 294 करोड़ 96 लाख 81 हजार रुपये मिलना प्रस्तावित है लेकिन इसके लिए कार्ययोजना देनी पड़ेगी।
प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने बरेली में बिजली, पेयजल, सड़क निर्माण, सीवर, स्वास्थ्य सफाई आदि की कार्ययोजना मांगी है। नगर आयुक्त को सभी विभागों की कार्ययोजना बोर्ड से अनुमोदित कराकर भेजने को कहा है। इसी तरह पेयजल व्यवस्था, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनानी है। निकाय की आय बढ़ाने के उपायों और इसके नए स्त्रोतों के साथ राजस्व वृद्धि के लिए शहरी आवासों के सर्वेक्षण, यूजर चार्जेज, लाइसेंस फीस दरों को पुनरीक्षित करने की योजना भी बनाकर देनी है।
फोटो वोल्टिक टेक्नोलॉजी से जलेंगी-बुझेंगी स्ट्रीट लाइटें
नगर आयुक्त के निर्देश पर जलकल और मार्ग प्रकाश विभाग ने अपनी कार्ययोजना भेज दी है। मार्ग प्रकाश विभाग में अभी स्ट्रीट लाइटों को जलाने-बुझाने के लिए कर्मचारी तैनात हैं। कुछ इलाकों में यह व्यवस्था ठेके पर है लेकिन अब स्ट्रीट लाइटों को फोटो वोल्टिक टेक्नोलॉजी से जोड़ने की योजना है। इसमें सूर्य के प्रकाश से चलने वाले सेंसर के जरिए स्ट्रीट लाइटें जलेंगी और बुझेंगी। इस तकनीक से बिजली का दुरुपयोग रुकेगा और स्विच ऑन-ऑफ करने का झंझट खत्म होने के साथ खर्च में भी कमी आएगी। जलकल विभाग ने कई वार्डों में सीवर लाइन डालने और पुरानी लाइनों की मरम्मत का प्रोजेक्ट भेजा है। गुलाबनगर, बानखाना, भूड़ कानून गोयान, सुभाषनगर, मढ़ीनाथ समेत कई इलाकों में सीवर लाइन नहीं हैं।
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