पीलीभीत: निर्दोष होने पर भी 72 घंटे बाद छोड़ा, अब पांच हजार मांगी रिश्वत
पीलीभीत, अमृत विचार। खेत पर पड़ी झोपड़ी में आग लगाने के आरोप में एक ग्रामीण को तीन दिन तक बिलसंडा पुलिस हिरासत में लिए रही। जब कोई साक्ष्य न मिला तो 72 घंटे बाद उसे रिहा तो कर दिया गया मगर एक सिपाही मुसीबत बन गया।
आरोप है कि लगातार पांच हजार रुपये सुविधा शुल्क की मांग कर रहा है। रुपये न देने पर दोबारा बंद कराने की धमकी दी जा रही है। मामले की शिकायत कर ग्रामीण ने सिपाही पर कार्रवाई की मांग की है।
बिलसंडा थाना क्षेत्र के परेवा तुर्राह के निवासी रामपाल पुत्र रामऔतार ने सीओ बीसलपुर को एक शिकायती पत्र दिया। जिसमें बताया कि गांव के ही एक व्यक्ति की खेत में पड़ी झोपड़ी में 16 जुलाई की रात कुछ अज्ञात लोगों ने आग लगा दी थी।
जिसका आरोप ग्रामीण द्वारा पीड़ित पर लगा दिया गया। यूपी 112 पुलिस उसी रात करीब दस बजे उन्हें घर से उठा ले गई और बिलसंडा थाने में बंद कर दिया। जांच पड़ताल के बाद जब उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के साक्ष्य नहीं मिले।
इसके बाद तीन दिन तक थाने में रखकर रिहा कर दिया गया। आरोप है कि हल्का नंबर तीन का एक सिपाही लगातार पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा है। इसकी कॉल रिकार्डिंग भी उनके पास है।
सिपाही धमकी दे रहा है कि अगर रुपये नहीं दिए तो दोबारा थाने में बंद कर देगा। सिपाही से लगातार मिल रही धमकियों से पूरा परिवार डरी सहमी हालत में है। ग्रामीण ने मामले की जांच कराकर सिपाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उधर, सिपाही के सुविधा शुल्क मांगने से जुड़ी ऑडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। जिससे खलबली मच गई है। सीओ बीसलपुर सतीश चंद्र शुक्ला का कहना है कि मामले की जानकारी कराई जा रही है।
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