Kanpur News : होशियार! सड़कों पर मौत बन घूम रहे बेसहारा पशु, चौंकाने वाले आकड़े आए सामने
कानपुर में सड़कों पर बेसहारा पशु मौत बनकर घूम रहे है।
कानपुर में सड़कों पर बेसहारा पशु मौत बनकर घूम रहे है। पॉश एरिया से लेकर मुख्य मार्गों पर छुट्टा जानवरों की भीड़ है। दो साल में एक दर्जन लोगों को मौत की नींद सुला चुके हैं।
कानपुर, [गौरव श्रीवास्तव]। अगर आप घर से बाहर पैदल निकले या बाइक से तो होशियार और चौकन्ना रहें। क्योंकि शहर के पॉश एरिया हों या फिर आउटर, हर सड़क पर आवारा जानवरों का कब्जा है। जरा सी चूक पर ये जानवर आपके लिए जानलेवा हो सकता है। बारिश के मौसम में शहर की सड़कों पर एकाएक आवारा जानवरों की तादाद बढ़ गई है। किसी भी सड़क पर देखिए आपको गाय, सांड, सुअर आदि के झुंड घूमता मिल जाएंगे।
नगर निगम का कैटिल कैचिंग दस्ता केवल सफेद हाथी साबित हो रहा है। शहर में सालों से यह समस्या शहरवासी झेल रहे हैं। दर्जनों लोग इन आवारा जानवरों के कारण मौत के मुंह में जा चुके हैं लेकिन बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम इन जानवरों से मुक्ति के लिए कोई प्लान नहीं तैयार कर सका है। आवाजरा जानवर कईयों को लील चुके हैं, तो कईयों को घायल कर चुके हैं। अमृत विचार की पड़ताल में हकीकत सामने आ गई। ये घटनाएं केवल एक बानगी हैं, आवारा जानवर कितनों को लील चुके यह आंकड़े जिम्मेदारों के पास हैं ही नहीं।
आवारा जानवरों से कब-कब हुई घटनाएं :
- 29 अप्रैल वर्ष 2023 को काकादेव थानाक्षेत्र में मूलरूप से बहराइच निवासी 42 वर्षीय विमल कुमार मिश्रा उर्फ राजेश रावतपुर गांव में रहकर ई रिक्शा चलाता था। ओम चौराहे के पास फुटपाथ पर सो रहा था। इसी बीच दो सांड लड़ते हुए वहां आए और उस पर गिर गए जिससे उसकी मौत हो गई।
- 19 जनवरी वर्ष 2019 के शास्त्री नगर के तिकोनिया पार्क में बुधवार सुबह गाय को रोटी खिलाने गए 62 वर्षीय राजेंद्र कुमार को एक सांड ने हमला कर दिया था। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें आनन-फानन अस्पताल ले गए थे, जहां उनकी मौत हो गई थी।
- 18 जुलाई वर्ष 2018 को बिठूर थानाक्षेत्र में ईश्वरीगंज में रहने वाले बुजुर्ग सूरज प्रसाद बाजार गए थे, जहां सांड ने दौड़ते हुए उनके पेट पर एक सींग घुसा दी थी। इसके बाद उन्हें हवा में उछालते हुए जमीन पर पटक दिया दिया। जिससे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
- 5 नवबंर वर्ष 2018 को बिधनू इलाके में फसल की रखवाली कर रहे किसान दलेलपुर निवासी 80 वर्षीय कथई को आवारा सांड ने उठाकर पटक दिया था। जिससे उनकी कुछ ही देर में सांसे थम गई थी। ग्रामीणों काफी देर बाद सांड को भगाने में सफल रहे थे।
- 23 जुलाई वर्ष 2017 में आवारा जानवर की वजह से बर्रा-7 में एक महिला की जान चली गई थी। महिला सुबह कूड़ा डालने गई और आवारा जानवर के दौड़ाने पर वह दूर हटी और पीछे से आ रही ट्रक के नीचे आ गई। जिस पर काफी हंगामा भी हुआ था।
- 29 दिसंबर वर्ष 2015 में ए-ब्लाक दबौली निवासी 85 वर्षीय खूबचंद सुखनानी घर के सामने खाली पड़े प्लॉट की दीवार के पास धूप में कुर्सी डालकर बैठे थे तभी अचानक वहां लड़ते हुए दो सांड़ों की लड़ाई के दौरान खाली प्लॉट की जर्जर दीवार से टकरा गए। टक्कर लगने से जर्जर दीवार उन पर ढह गई और मौत हो गई।
- बंबा रोड गुमटी में बीटेक स्टूडेंट शुभम को साड़ ने पटका, मौत।
- परमट में सांड ने वृद्ध को पटककर मार डाला।
- नौबस्ता में फ्रीडम फाइटर की ली जान।
- कैनाल पटरी में एक व्यक्ति को साड़ ने मार डाला।
- फूलबाग में सब्जी विक्रेता को पटककर मार डाला।
अचानक हमला भी कर देते
- 10 अगस्त वर्ष 2012 में गंगा नगर के अनिल कुमार को सांड ने सींगों से उठाकर फेंका।
- 2 अगस्त वर्ष 2012 में रेलबाजार के निखिल गुप्ता को सांड ने पटका दिया।
- 13 अगस्त वर्ष 2011 में हंसपुरम में गाय ने अंकिता, राजीव समेत 13 लोगों को हमला कर घायल किया था।
- 8 अगस्त वर्ष 2011 में बर्रा-2 में बाइक में टक्कर मारकर दबौली के मनोज व मंजू को घायल किया।
