बरेली: छुट्टी न मिलने पर तनाव में आए तमाम पुलिसकर्मी छोड़ चुके हैं नौकरी

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संजय शर्मा, बरेली। सिपाही से इंस्पेक्टर तक पुलिस विभाग में तनाव में रहते है। बीट सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक इस तनाव को रोज किसी न किसी रूप में झेलते हैं। विभाग के लोगों की ही माने तो उनका कहना है पांच-छह साल से पुलिस में एक चलन चल गया है। इस बीच में जो …

संजय शर्मा, बरेली। सिपाही से इंस्पेक्टर तक पुलिस विभाग में तनाव में रहते है। बीट सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक इस तनाव को रोज किसी न किसी रूप में झेलते हैं। विभाग के लोगों की ही माने तो उनका कहना है पांच-छह साल से पुलिस में एक चलन चल गया है। इस बीच में जो लोग पुलिस विभाग में भर्ती हुए है। उनमें से ज्यादातर लोगों में सहनशीलता नहीं है। न ही उन्हें पुलिसिंग से मतलब है। वह बस ड्यूटी पर आकर अपना टाईम काटते है और फिर चले जाते है।

दूसरा एक और बदलाव पुलिस में देखने को मिला है वह है सम्मान का। नए लोग अपने सीनियर को सम्मान देने से कटते हैं। अगर दरोगा खड़ा है तो सिपाही उसे अपनी कुर्सी बैठने को नहीं देगा। यदि मुंशी झाड़ू लगा रहा है। नए लोग उन्हें देखते रहेंगे लेकिन उनके हाथ से झांड़ू लेकर खुद वहां की सफाई नहीं करेंगे।

इस बीच तमाम लोगों को छुट्टी न देने पर वह लोग गैरहाजिर भी हो जाते है। जबकि पुलिस की नौकरी सहनशीलता की नौकरी है। और ट्रेनिंग में इन्हें अपने गुस्से को कंट्रोल करना भी सिखाया जाता है। इसी के चलते बीते तीन सालों में 28 पुलिसकर्मी जिले में नौकरी से इस्तीफा दे चुके है।

अलर्ट पर मांगने आते हैं छुट्टी
शहर के तमाम इंस्पेक्टरों ने बताया कि किसी त्यौहार, जुलूस, अलर्ट पर भी तमाम सिपाही लोग उनसे छुट्टी लेने आते है। हर शख्स हमेशा परिवार में किसी के बहुत बीमार होने की ही बात करता है।

सिर्फ कमाई पर रहता है ध्यान
बीते सालों में देखा जाए तो चौकी थानों पर बैठे नए दरोगा और सिपाही सिर्फ उगाई करने में जुटे है। इनको इस बात से कोई मतलब नहीं है कि किसको परेशानी हो रही है। वह सिर्फ और सिर्फ उगाई करने में लगे हैं। ऐसे में बारादरी, भुता, आंवला सर्किल में दरोगा और और सिपाहियों पर भ्रष्टाचार के मुकदमे दर्ज हुए है।

छुट्टी न मिलने पर खाया था जहर
मीरगंज सर्किल के एक सिपाही ने कुछ समय पहले छुट्टी न मिलने पर जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसके बाद उसे गंभीर हालत में एसआरएमएस में भर्ती कराया गया। हालांकि उस समय पुलिस विभाग ने छुट्टी की बात को गलत बताया था।

इन्होंने छोड़ी नौकरी
दरोगा- 7
आरएसआई- 1
हेड कांस्टेबल- 16
चालक- 1
कांस्टेबल- 2
चतुर्थ श्रेणी-1

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