हल्द्वानी: बेचैनी में गुजरी माही की रात, फड़फड़ा रहा है प्रेमी दीप कांडपाल
सपेरा रमेश नाथ और दीप कांडपाल नैनीताल और माही के दिन-रात कट रहे हल्द्वानी कारागार में
हल्द्वानी, अमृत विचार। अंकित हत्याकांड को अंजाम देने वाली माही की जेल में पहली रात बेचैनी से गुजरी वहीं उसका प्रेमी दीप कांडपाल भी कारागार में छटपटाता रहा। उधर सपेरा रमेश नाथ जेल के अन्य कैदियों और बंदियों से घुल-मिल गया है। ठीक वैसे जैसे उसे अपने किए का कोई पछतावा ही ना हो।
14 जुलाई की रात युवा कारोबारी अंकित चौहान की हत्या करने वाली माही उर्फ डॉली ने कभी नहीं सोचा होगा कि उसे कभी जेल भी जाना पड़ सकता है, लेकिन अब वो सलाखों के पीछे है। माही को उसके प्रेमी दीप कांडपाल के साथ रुद्रपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर 24 जुलाई को दोनों को जेल में दाखिल किया।
दीप कांडपाल को नैनीताल जेल ले जाया गया और माही को हल्द्वानी उपकारागार लाया गया। जबकि सबसे पहले पकड़ा गया सपेरा रमेश नाथ भी नैनीताल जेल में बंद है। पुलिस की मानें तो दीप कांडपाल चेन स्मोकर यानी सिगरेट का लती है। एक-एक दिन में दीप कांडपाल सिगरेट के 10-10 डिब्बे खाली कर देता था। यानी एक सिगरेट बुझते देर नहीं हुई और उसने होठों से दूसरी सिगरेट लगा दी।
24 जुलाई की शाम जब उसे जेल में दाखिल किया गया और जेल में सिगरेट मिल नहीं सकती। ऐसे में वह सिगरेट के लिए छटपटाता रहा। इधर, इसी शाम 4 बजे माही को हल्द्वानी उपकारागार में दाखिल किया गया। माही पहली बार जेल गई है। चूंकि वह जेल में नई बंदी है तो अभी कुछ दिन उसे आराम करने दिया जाएगा, लेकिन दिन गुजरने के साथ ही उसे अन्य कैदियों और बंदियों की तरह साफ-सफाई आदि कार्यों में हाथ बंटाना होगा। बताया जा रहा है कि पहली रात माही को जेल में ठीक से नींद नहीं आई और वो बेचैन रही।
बंदियों को अन्य बंदियों की तरह ही रखा गया है। जो अन्य बंदियों को खाने के लिए दिया जा रहा है, उन्हें भी दिया जा रहा है। माही को महिला बैरक में अन्य बंदियों के साथ ही रखा गया है।
-प्रमोद पांडे, जेल अधीक्षक, हल्द्वानी उप कारागार
माही को परोसी गई आलू की सब्जी और चने की दाल
हल्द्वानी : जेल मैन्यू के हिसाब से सभी कैदियों की तरह माही को भी भोजन परोसा गया। मंगलवार को उसे खाने में चने की दाल, आलू की सब्जी, चावल और रोटी दी गई। जबकि नैनीताल जेल में दीप कांडपाल और सपेरे रमेश नाथ को सुबह के नाश्ते में ब्रेड-मक्खन, लंच में मसूर की दाल, रोटी, आलू लौकी की सब्जी दी गई। डिनर में दोनों ने आलू चना, अरहर की दाल और रोटी खाई। अब हर रोज इन्हें जेल मैन्यू के हिसाब से ही खाना खिलाया जाएगा।
जिसे पूरा शहर जानता है, उसे मिलने कोई नहीं आया
हल्द्वानी : माही के चाहने वालों की फेहरिस्त बहुत लंबी है और इस फेहरिस्त में कई नामी-गिरामी लोग भी हैं। 24 जुलाई की शाम 4 बजे माही को हल्द्वानी उपकारागार में दाखिल किया गया। पहली रात गुजर गई और 25 जुलाई का पूरा दिन भी गुजर गया, लेकिन उससे मिलने के लिए एक भी व्यक्ति जेल नहीं पहुंचा। यहां तक उसके घरवालों ने भी उससे दूरी बनाए रखी। हालांकि उससे मिलाई के लिए किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है।
