बरेली: सरकारी खर्च पर निजी गाड़ियां चलाने के मामले की होगी जांच
गाड़ियों का ब्योरा जुटाने के लिए भेजे जाएंगे आरटीओ के अफसर
बरेली, अमृत विचार। सरकारी खर्च पर निजी गाड़ियों से फर्राटा भरने के मामले की आरटीओ ने जांच कराने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम में चल रही ऐसी गाड़ियों का ब्योरा जुटाने के लिए आरटीओ से अफसरों को भेजा जाएगा।
अमृत विचार ने 26 जुलाई के अंक में इस मामले को उजागर किया था। इस पर आरटीओ ने संज्ञान लिया है और अब नगर निगम में अफसरों को भेजकर वाहनों की चेकिंग कराई जाएगी। आरटीओ प्रवर्तन दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि जांच कराई जाएगी कि नगर निगम में कितनी गाड़ियां चल रही है। इनमें कितनी अनुबंध पर हैं। कितने वाहन अनुबंध पर कब से चलाए जा रहे हैं। उनके नंबर भी लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वाहनों पर नंबर के अलावा कुछ भी लिखना अनुमन्य नहीं है लेकिन नगर निगम के वाहनों पर उत्तर प्रदेश सरकार लिखा है। जो अफसर ऐसे वाहनों पर चल रहे हैं उनके वाहन अनुबंध पर हैं भी या नहीं, इसकी जानकारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि कई विभागों में बगैर अनुबंध के वाहन चलाए जा रहे हैं। उनसे यात्री कर वसूलने की कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा।
नगर निगम में एई और जेई, जेडएसओ सहित कई अफसर सरकारी गाड़ी के लिए अधिकृत नहीं है। फिर भी अफसरों की इन गाड़ियों के लिए हर माह किराया के साथ ही डीजल का खर्चा भी निकाला जा रहा है। पार्षद राजेश अग्रवाल ने भी बोर्ड बैठक में इस बात को उठाया था।
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