अयोध्या : रवायती अंदाज में शान से निकला शाही मेंहदी का जुलूस
बहू बेगम मकबरा से बरामद होकर देर रात इमामबाड़ा जवाहर अली खां पहुंचा
अयोध्या, अमृत विचार। अवध के नवाबीन द्वारा स्थापित शाही मेंहदी का जुलूस बुधवार रात अपने रवायती अंदाज में शान के साथ बहू बेगम मकबरे से निकला। करीब नौ बजे रात में निकली शाही मेंहदी में शहर की विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए जनाबे कासिम को पुरसा दिया। इस दौरान पूरे रास्ते कड़ी सुरक्षा के रही।
अपने परंपरागत तरीके से सात मोहर्रम को बुधवार रात 9 बजे बहू बेगम मकबरा से शाही मेहंदी का जुलूस निकाला गया। जुलूस से पहले मेहंदी पर लोगों ने नजर और फातेहा कराई और मन्नतें मांगी। बताया जाता है कि इमाम हुसैन के भतीजे और इमाम हसन के बेटे जनाबे कासिम की याद में यह मेहंदी निकाली जाती इस मेहंदी को शाही मेहंदी के नाम से भी जाना जाता है। बहू बेगम मकबरा से जुलूस निकलकर अपने तयशुदा मार्गो से होता हुआ अपनी मंजिल इमामबाड़ा तक पहुंच कर खत्म हुआ। इस बीच अंजुमन हैदरिया रूहे इमान, इमामिया जफरिया आबिदिया और गुंचे मज़लूमिया ने नौहा ख्वानी व सीना जनी की।
जुलूस के साथ साथ मेहंदी, ताबूत, अली असगर का झूला, आलम मुबारक और इमाम हुसैन की सवारी का प्रतीक दुलदुल शामिल रहे। इस मौके पर चौक की मस्जिद हसन रजा खां के सामने शरबत और पानी की सबील भी लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एसपी सिटी मधुबन सिंह, सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह भारी पुलिस बल शुरू से आखिर तक बने रहे। शाही मेहंदी के जुलूस में हर मजहब और मिल्लत के लोग पूरी अकीदत और श्रद्धा के साथ शामिल दिखाई दिए।
जुलूस में ताजिया दरान कमेटी के अध्यक्ष हैदर मेहंदी, उपाध्यक्ष फैजी फैजाबादी, ताजिया दरान कमेटी के कन्वीनर अशफाक हुसैन जिया मुख्य तौर पर शामिल रहे। जुलूस रात लगभग 3:30 बजे इमामबाड़ा जवाहर अली खां पहुंचा। जहां एक मजलिस को खिताब फरमाया जाकिरे अहलेबैत शिराज ने। यहां भी लोगों ने मेंहदी की जियारत कर दुआएं मांगी।
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