हेपेटाइटिस दिवस: हेपेटाइटिस का वार, नहीं सुधर रहे हालात, दो गुने हुए मरीज
हेपेटाइटिस के मामलों में जिला प्रदेश में टॉप टेन में शामिल, हर साल बढ़ रहा मरीजों का आंकड़ा
बरेली, अमृत विचार। हेपेटाइटिस का संक्रमण तेजी से लोगों में फैल रहा है। यह खून के माध्यम से लिवर में प्रवेश करता है। यह कई तरह की बीमारियों को जन्म देता है। इसमें लिवर फैलियर सबसे प्रमुख है। इसके लक्षण भी पीलिया जैसे ही होते हैं। इसे लोग पहचान नहीं पाते हैं जो बाद में जानलेवा साबित होता है। शासन की ओर से जारी मासिक रिपोर्ट के अनुसार काली पीलिया यानि हेपेटाइटिस के मरीजों की संख्या के मामलों में बरेली प्रदेश में टॉप टेन में शामिल है।
दो गुने हो गए मरीज
वर्ष 2020-21 में जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस की ओपीडी शुरू हुई थी। सप्ताह में मंगलवार और शुक्रवार को ओपीडी का संचालन हो रहा है। वर्ष 2020-21 में जहां हेपेटाइटिस मरीजों की संख्या 300 के करीब थी पर अब 750 के करीब पहुंच गई है। इन मरीजों में हेपेटाइटिस बी और सी दोनों शामिल हैं। जिला अस्पताल से मिले डाटा के अनुसार हेपेटाइटिस ओपीडी की पिछले माह शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई थी, उसमें जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ी है। हर महीने 60 से 70 मरीज हेपेटाइटिस से ग्रसित मिल रहे हैं। इन मरीजों में हेपेटाइटिस सी से ग्रसित मरीजों की संख्या हेपेटाइटिस बी की तुलना में कम है।
बचाव के उपाय
हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जरूरी है कि शराब पीने से बचें। सफाई का ध्यान रखें। तैलीय और मसालेदार खाद्य पदार्थों से बचें। हरे पत्तेदार सब्जियां, विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थ, नारियल पानी का सेवन करें।
हेपेटाइटिस के लक्षण
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना, थकान होना, कमजोरी महसूस करना, उल्टी-पेट में दर्द और सूजन, भूख कम लगना, वजन घटना, पेशाब का रंग गहरा होते जाना इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं।
करीब तीन वर्षों से जिले में हेपेटाइटिस के बढ़ते प्रकोप के चलते जिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन ओपीडी संचालित की जा रही है। मरीजों की जांच और इलाज संबंधी सभी संसाधन विभाग के पास मौजूद हैं -डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी, जिला अस्पताल।
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