माइक्रोन के भारत में बने चिप निर्यात भी किये जा सकेंगे: कंपनी सीईओ

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गांधीनगर। अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी ने गुजरात में भारत का पहला सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता शुक्रवार को एक बार फिर दोहराई। कंपनी ने कहा कि इससे प्रत्यक्ष तौर पर 5000 नौकरियों का सृजन होगा और घरेलू के साथ-साथ विदेशी मांग को भी पूरा किया जाएगा।

चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) संजय मेहरोत्रा ने ‘सेमीकॉन इंडिया 2023’ में कहा, ‘‘ यहां गुजरात में हमारी टीम डीआरएएम और एनएएनडी उत्पादों को कंपोनेंट पैकेज, मेमोरी मॉड्यूल और सॉलिड-स्टेट स्टोरेज ड्राइव में बदल देगी जिसे भारत तथा दुनिया भर में ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकेगा।’’

माइक्रोन ने इस साल जून में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की यात्रा के दौरान गुजरात में सेमीकंडक्टर इकाई व परीक्षण संयंत्र स्थापित करने के अपने फैसले की घोषणा की थी। इसमें कुल 2.75 अबर डॉलर (करीब 22,540 करोड़ रुपये) का निवेश होगा। संयंत्र की कुल लागत में से माइक्रोन 82.5 करोड़ डॉलर (करीब 6,760 करोड़ रुपये) देगी और शेष राशि भारत सरकार दो चरणों में देगी।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि माइक्रोन की विनिर्माण इकाई की पहली भारत विनिर्मित चिप दिसंबर 2024 तक उपलब्ध हो सकती है। मंत्री ने कहा कि एक वर्ष के भीतर देश में चार-पांच सेमीकंडक्टर संयंत्र स्थापित किए जाने की उम्मीद है।

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