कासगंज: देवांशलॉज पर भू-माफिया की नजर, करोड़ों रुपये की डकैती का आरोप
शहर में कई दिनों चर्चा का विषय बना है माफिया का यह कारनामा
कासगंज, अमृत विचार। शहर में बीते सात दिनों से चर्चा का विषय बना मामला अब पुष्ट हो गया है। शहर के नदरई गेट क्षेत्र देवांश लॉज पर भू-माफिया की नजर पड़ गई है। भू-माफिया ने कब्जा शुरू कर दिया है। न्यायालय के आदेश को भी दरकिनार करने का आरोप है। करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट करने के बाद लगभग चार करोड़ रूपये का मलबे की डकैती का आरोप लगा है।
मामले में पीड़ित ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन होने का हवाला देते हुए पुलिस ने फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं की है। इधर शहर के तीन लोगों सहित 20 अज्ञातों के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद चर्चा तेज हो गई है और बाजार में तरह तरह की अफवाहें फैल रही है।
बीते कई दिनों से सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ रहा था। इसमें लोग टिप्पणियां कर रहे थे कि शहर में बड़ा खेल हो गया है। मोटी रकम लेकर जिम्मेदारों ने संपत्ति हड़पना शुरू करा दी है। बाजार में व्यापारियों के बीच यह मामला काफी चर्चित रहा, लेकिन कोई भी शिकायती पत्र न होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो रही थी। अब पीड़ित शहर के लक्ष्मीगंज वैजनाथ अग्रवाल खुलकर सामने आए है।
उन्होंने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि उनकी संपत्ति गाटा संख्या 38 और 37 जो नगर पालिका की सीमा में गांव अहरौली में आती है इसमें नदरई गेट निवासी कैलाश नाथ पुत्र सूरजप्रसाद ने विवाद उत्पन्न कर दिया है और एक भाग का सौदा भी गलत तरीके से कर दिया है।
आरोप है कि कैलाश नाथ ने फर्जी दावा न्यायालय कासगंज में दायर किया और अदालत से आदेश प्राप्त करा लिया कि गाटा संख्या 37 व 36 में उनके कब्जा में हस्तक्षेप न करें। इस आदेश में गाटा संख्या 38 का कोई भी जिक्र नहीं हुआ है। तब भी कैलाशनाथ एवं उनके सहयोग शहर के नदरई गेट निवासी अश्वनी चतुर्वेदी, मुहल्ला नवाब निवासी राहुल कुमार ने गाटा संख्या 38 की संपत्ति पर कब्जा शुरू कर दिया और यहां उनका भवन तोड़ दिया है।
लगभग चार करोड़ रूपये का लोहा एवं मलबा अपने लगभग 20 अज्ञात साथियों के सहयोग से उठा ले गए। दिन-दहाड़े डकैती डाली गई है। ऐसे में डकैती की धाराओं में आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर संपत्ति पर किया गया कब्जा हटवाया जाए।
लाखों रुपये के लेन-देन की चर्चाओं का बाजार गरम
संपत्ति पर कब्जा कराने के लिए लाखों रुपये के लेन-देन की चर्चाओं का बाजार पूरे शहर में गरम है। इसमें शहर के कुछ नामचीन लोगों भी शामिल बताए जा रहे है। हालांकि अभी इन लोगों के नाम उजागर नहीं हुए है, लेकिन चर्चाएं काफी तेज हो गई है। पीड़ित का आरोप है कि न्यायालय का आदेश भी पुलिस को दिखाया, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। तब एसपी से गुहार लगाई है।
संपत्ति विवाद विवाद से जुड़ा प्रार्थना पत्र मिल गया है। कुछ मुलाकात करने आए थे। मामला न्यायालय से जुड़ा हुआ है और सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय का जो आदेश होगा उसका पूरी तरह पालन कराया जाएगा- सौरभ दीक्षित, एसपी।
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