बरेली: दो ड्रग इंस्पेक्टर पर तीन जिलों में दवाओं की बिक्री गड़बड़ी रोकने का जिम्मा, जानिए पूरा मामला
शासन ने बरेली में तैनात दो ड्रग इंस्पेक्टर को बदायूं, शाहजहांपुर की भी सौंपी जिम्मेदारी
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बरेली, अमृत विचार। मेडिकल स्टोरों पर नकली और नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं लेकिन मंडल में ड्रग इंस्पेक्टर की कमी से कार्रवाई परवान चढ़ती नहीं दिख रही। अब बरेली में तैनात दो ड्रग इंस्पेक्टरों को बदायूं और शाहजहांपुर जिले का अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया है। इससे कार्रवाई पर और सवाल उठने लगे हैं।
विकास भवन में शुक्रवार को विधान परिषद की वित्तीय एवं प्रशासकीय विलंब समिति के सभापति डाॅ. हरि सिंह ढिल्लो ने औषधी विभाग की समीक्षा की तो औषधि निरीक्षक ने बताया कि एक अप्रैल 2022 से एक अप्रैल 2023 तक 416 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण किया। 36 छापे मारे थे। इसमें दवाओं के 519 नमूने भरे, इनमें 16 अद्योमानक पाए गए। चार मामलों में एफआईआर हुई। सभापति ने 36 स्थानों पर छापों की रिपोर्ट तलब की है। छापों की संख्या बढ़ाकर जन औषधि केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट समिति कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
हालांकि समिति ने बदायूं, शाहजहांपुर में रिक्त पदों पर ड्रग इंस्पेक्टर की तैनाती पर कोई आश्वासन दिया। इस बीच शासन ने मंडल के सबसे बड़े बरेली जिले में तैनात दो ड्रग इंस्पेक्टर बबीता रानी और राजेश कुमार को बदायूं, शाहजहांपुर में औषधी नियंत्रण संबंधी कार्य कराने की अतिरिक्त जिम्मेदारी दे दी।
इस पर सवाल उठने लगे है कि एक ड्रग इंस्पेक्टर बरेली से करीब 70 किलोमीटर दूर शाहजहांपुर और दूसरा करीब 50 किलोमीटर दूर बदायूं में कैसे मेडिकल स्टोरों पर नजर रख सकेगा, जबकि तीनों जिलों को मिलाकर मेडिकल स्टोरों की संख्या हजारों में होगी। इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से एक नहीं, बल्कि दो जनपदों में ड्रग विभाग का कार्य प्रभावित होगा।
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