पीलीभीत: युवक ने दी जान, फंदे से उतारकर आरोपी ले गए शव और फूंक डाला
पीलीभीत, अमृत विचार। मामूली कहासुनी के बाद भाई-बहन की पिटाई कर अपमानित किया गया। बहन घायल हालत में भाई को घर पर छोड़ बच्चों को तलाशने चली गई। इसी बीच घटना से आहत होकर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। आरोप है कि हमला करने वाले लोग फंदे से लटका शव उतारकर ले गए और डीजल पेट्रोल डालकर जला दिश। दो बार एसपी से शिकायत करने के बाद भी एक्शन नहीं लिया गया। अब कोर्ट के आदेश पर पांच आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दर्ज की गई रिपोर्ट में वादी ऋषि कुमार ने बताया कि 31 मई को सुबह आठ बजे उसके चचेरे भाई अमित कुमार उर्फ छोटू पुत्र कामेश्वर सिंह को पड़ोसी संजीव कुमार, केशव, ममता, दीक्षा और शिखा मामूली कहासुनी के बाद पिटाई कर रहे थे। घर के सामने ही सीसी रोड पर गिराकर लाठी डंडे से पीटकर घायल कर दिया। उसे काफी अपमानित किया गया। उस समय घर में बहन ममता मौजूद थी, जोकि शोर सुनकर बचाने के लिए गई। उसे भी हमला कर पीटा गया।
बमुश्किल भाई को छुड़ाकर वह घर ले आई। चारपाई पर लिटाने के बाद बच्चे को तलाशने के लिए चली गई। कुछ देर बाद वापस आई तो अमित कुमार का शव फंदे से लटका हुआ था। हमलावरों पर मारने का आरोप लगाते हुए चीखते चिल्लते बाहर गई। परिवार के अन्य सदस्य भी सूचना मिलने पर खेत से घर आ गए। इस दौरान आरोपी लगातार मारने की धमकी देते रहे।
इस बीच किसी वक्त मारपीट करने वाले आरोपी फंदे से शव उतारकर ले गए और श्मशान में ले जाकर पेट्रोल डीजल आदि डालकर शव को फूंक दिया। आरोपियों से मिली धमकी के चलते परिवार डरा सहमा था। मृतक के एक रिश्तेदार कुछ अन्य लोगों की मदद से लालच देकर व डर दिखाकर फैसले का दबाव बनाते रहे। थाना पुलिस के अनसुना करने पर दो जून 2023 को एसपी से शिकायत की गई लेकिन जांच के नाम पर टाल दिया।
13 जून को दोबारा एसपी से गुहार लगाई। इस बार भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर गांव के ही संजीव कुमार, केशव कुमार, ममता देवी, दीक्षा, शिखा के खिलाफ बलवा, मारपीट, गाली गलौज, खुदकुशी को विवश करने और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
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