बरेली: हर चौथी गर्भवती महिला में प्लेटलेट्स की कमी, संस्थागत प्रसव पर पड़ रहा असर
जिला महिला अस्पताल में आने वाली महिलाओं की जांच में मिल रहे डेढ़ लाख से कम प्लेटलेट्स
बरेली, अमृत विचार। मौसम में जारी उतार-चढ़ाव के बीच वायरल फीवर की चपेट में आने से गर्भवती महिलाओं में प्लेटलेट्स की कमी पाई जा रही है। जिला अस्पताल में आने वाली हर चौथी गर्भवती महिला प्लेटलेट्स की कमी से जूझ रही है।
चूंकि शासन के नियमानुसार डेढ़ लाख से कम प्लेटलेट्स होने पर प्रसव नहीं कराया जा सकता है इसलिए इसका असर संस्थागत प्रसवों पर पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ने से संस्थागत प्रसवों में कमी देखी जा रही है।
40 फीसदी महिलाओं में मिल रही कमी
जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की खून की जांच कराई जाती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलता है कि उसमें प्लेटलेट्स कम है। इसके बाद पहले उसका इलाज किया जाता है। प्लेटलेट्स बढ़ने के बाद ही प्रसव कराया जाता है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक रोजाना 45 से 50 महिलाओं की खून की जांच कराई जाती है। जांच रिपोर्ट में करीब 40 फीसदी गर्भवतियों में प्लेटलेट्स की कमी पाई जा रही है। यह चिंताजनक है।
प्लेटलेट्स की कमी का कारण सिर्फ डेंगू या मलेरिया नहीं होता, अन्य कारण भी हो सकते हैं। सरकारी या निजी अस्पताल में प्रसव से पूर्व सभी गर्भवती महिलाओं की पहले खून, मधुमेह समेत अन्य जांचें की जाती हैं। कहीं कोई दिक्कत होने पर इलाज किया जाता है--- डॉ. मृदुला शर्मा, वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ।
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