बरेली: जोगी नवादा में एक समुदाय के लोगों ने लगाए 'मकान बिकाऊ है' के पोस्टर, कहा- उत्पीड़न हो रहा है

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Edited By Amrit Vichar
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भाजपा नेता बोले-तैयारी कर लें, कांवड़यात्रा वहीं से निकलेगी, अफसर बोले-लखनऊ से लेंगे अनुमति

बरेली, अमृत विचार। एक हफ्ते में जोगी नवादा में दो बार बवाल हो गया, जिसको लेकर बीते रविवार को पुलिस को कांवड़ियों पर लाठीचार्ज करना पड़ा था। वहीं इस मामले में अब दूसरे समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर मकान बेचने के नोटिस चस्पा कर दिए हैं। वहां रहने वाले एक समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके साथ उत्पीड़न हो रहा है। बगैर गलती के पुलिस प्रशासन उन पर कार्यवाही कर रहा है।

इसके साथ ही प्रशासन भी उनका साथ नहीं दे रहा है, जिस कारण वह लोग अपना मकान बेचने को मजबूर हैं। आने वाले समय में हालात और बुरे हो सकते हैं। वह नहीं चाहते कि उनके बच्चों की जान खतरे में पड़े। अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए लोगों ने अपने घरों पर नोटिस हाथ से लिख रखा है कि वह अपना मकान बेच रहे हैं। इस मामले में जब बारादरी पुलिस से बात की गई तो पुलिस ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है।

बीते सोमवार को सर्किट हाउस में पुलिस और प्रशासन के उच्चाधाकारियों के साथ हुई बैठक में भाजपा नेताओं ने यह अल्टीमेटम दिया कि आने वाले रविवार को जोगीनवादा में कांवड़ यात्रा मौर्य गली से ही निकलेगी, अभी से ही प्रशासन इसके लिए तैयारी कर ले। जवाब में अफसरों ने बिगड़े हुए हालात में मौर्य गली से कांवड़ यात्रा निकालने की स्थानीय स्तर पर अनुमति देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने साफ किया कि इसके लिए अगर लखनऊ से अनुमति दी जाएगी, तभी इस पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि रविवार को जोगीनवादा में दूसरी बार बवाल के बाद कांवड़ियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ लाठीचार्ज किया गया था। सोमवार सुबह भाजपा नेताओं ने जोगीनवादा का दौरा किया तो उन्हें लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। उन्होंने पुलिस पर बर्बरता से लाठीचार्ज करने के आरोप लगाए। इसके बाद वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार की अगुवाई में जनप्रतिनिधियों ने एडीजी पीसी मीना, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, आईजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम शिवाकांत द्विवेदी और नए एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान को बैठक में बुलाया था।

बैठक में डॉ. अरुण कुमार, विधायक संजीव अग्रवाल, मेयर उमेश गाैतम और भाजपा के महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोड़ा ने कांवड़ियों पर लाठीचार्ज पर नाराजगी जताते हुए अफसरों पर सवालों की बौछार कर दी। पुलिस और प्रशासन के अफसर एक-एक सवाल पर सफाई देते रहे। बैठक में मौजूद रहे एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि आईजी ने स्वीकार किया कि मौके पर पुलिस फोर्स कम था। अति संवेदनशील एरिया में अधिक फोर्स होना चाहिए था।

इस दौरान भाजपा नेताओं ने अफसरों से साफ कहा कि अगले रविवार को जोगीनवादा की मौर्य गली से ही कांवड़यात्रा निकाली जाएगी, इसके लिए पुलिस-प्रशासन अभी से सुरक्षा की तैयारी कर लें। अगर जरूरत है तो प्रशासन कांवड़यात्रा के लिए अनुमति भी जारी करे। जवाब में अफसरों ने कहा कि हालात बिगड़े हुए हैं और वे अनुमति नहीं दे सकते। इसके लिए लखनऊ से अनुमति ली जाएगी। वहां से अनुमति मिलने के बाद ही इस पर विचार होगा। 

गोली चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें ताकि दोबारा कोई ऐसा न करे
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अगर अफसर सांप्रदायिक तनाव को मैनेज करने में विफल हो रहे थे तो उन्हें वरिष्ठ नेताओं से सहयोग मांगना चाहिए था। डॉ. अरुण और विधायक संजीव ने पूछा कि लाठीचार्ज किसके आदेश पर हुआ तो अफसरों ने कहा कि अराजक तत्वों के गोली चलाने से माहौल खराब हो गया, स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।

'कांवड़ियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए'
भाजपा नेताओं ने तनाव खत्म करने के लिए समन्वय समिति की बैठक बुलाने को कहा ताकि जोगीनवादा में दोबारा ऐसी घटना न हो। कहा, जहां भी संवेदनशील क्षेत्र में जरूरत लग रही हो, वहां फोर्स तैनात कर अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई करें, लेकिन कांवड़ियों पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन पर एक तो लाठीचार्ज हुआ, ऊपर उनके विरुद्ध मुकदमे ठोकना गलत होगा। सिर्फ तमंचे से फायरिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें ताकि कोई दोबारा ऐसी हरकत न करे। मेयर उमेश गौतम ने बताया कि अफसरों ने दोनों समुदाय के बीच समन्वय बनाना उचित नहीं समझा। पीस कमेटी की बैठक होनी चाहिए थी। खुफिया तंत्र क्या कर रहा था। अफसरों को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो।

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