बरेली: कागजों में संचारी रोग पर नियंत्रण...गांवों में मच्छराें के लार्वा के ठिकाने, दम तोड़ रहे सफाई के दावे

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के नाम पर खानापूरी की जा रही है। बिथरी चैनपुर, क्यारा, नवाबगंज समेत कई ब्लाकों में गंदगी और जलभराव से मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं। सड़कों पर कीचड़ के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

एक साल में दो बार यह अभियान चलाया जाता है। इसके बाद भी गांवों में सफाई की स्थिति ठीक नहीं है।सारीपुर गांव को जाने वाले मुख्य रोड पर जलभराव है। वहीं, म्यूडी गांव में जगह-जगह गंदगी है।अभियान के तहत गांवों में सफाई, दूषित स्थलों पर कीटनाशक का छिड़काव आदि कार्य कराए जाते हैं, मगर जिम्मेदारों की लापरवाही ने गांवों में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है। मलेरिया, डेंगू जैसे रोग फैलने की आशंका है।

पंचायती राज विभाग का दावा है कि 1193 ग्राम पंचायतों में कम से कम एक सफाई कर्मी तैनात है। बाकी स्थानों पर आबादी के हिसाब से सफाईकर्मी हैं, मगर सफाई फिर भी नहीं हो पा रही है। पिछले माह ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान चला था। कई विभागों के अफसरों को इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बावजूद, अभियान कागजों में ही चलता रहा।

इन विभागों को मिली थी जिम्मेदारी
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की जिम्मेदार चिकित्सा, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, कृषि, सिंचाई, उद्यान विभाग को मिली थी।

सफाई कर्मियों ने शत प्रतिशत कार्य किया है। रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई के साथ कीटनाशक का छिड़काव कराया गया।जिन स्थानों पर जलभराव की सूचना मिलती है, वहां दवा का छिड़काव कराने के साथ सफाई कराई करा दी जाती है---धर्मेंद्र कुमार, डीपीआरओ।

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