मेवात में हिंसा को लेकर Unnao में प्रदर्शन, विहिप व बजरंग दल ने फूंका आतंकवाद का पुतला, मुर्दाबाद के लगाए नारे
उन्नाव में विहिप व बजरंग दल ने फूंका आतंकवाद का पुतला।,
मेवात में हुई हिंसा को लेकर उन्नाव के बड़ा चौराहा पर विहिप व बजरंग दल ने आतंकवाद का पुतला फूंक कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्रालय को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंप एनआईए जांच की मांग की।
उन्नाव, अमृत विचार। हरियाणा के मेवात में साजिश के तहस हुई हिंसा, आगजनी व हिंदुओं पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सभी ने आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए जेहादियों का पुतला फुंका। वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय से संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इस दौरान मामले की पूरी जांच एनआईए से कराने की मांग की गई है।
बता दें कि बुधवार को विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ता शहर स्थित बड़ा चौराहा पहुंचे। जहां सभी ने हरियाणा के मेवात में हिंसा, आगजनी व हिंदुओं पर हुए आत्मघाती हमले के विरोध में प्रदर्शन किया और पुतला फूंककर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने गृह मंत्रालय से संबोधित ज्ञापन भी डीएम को दिया।
विश्व हिंदू परिषद के जिला कार्याध्यक्ष रघुवंश मणि त्रिपाठी ने बताया कि श्रवण मास में प्रतिवर्ष हर सोमवार पर मेवात के अंदर भगवान शंकर का आशीर्वाद लेने महाभारत कालीन पांच मंदिरों में श्रद्धालु जाते हैं। मंगलवार करीब 20 से 25 हजार लोग मेवात में भगवान शंकर का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। यात्रा शुरू हुए 15 मिनट भी नहीं हुए कि श्रद्धालुओं पर उपद्रवियों ने गोलियां व पत्थर बरसाने के साथ आगजनी शुरू कर दी।
श्रद्धालुओं ने जब देखा कि परिस्थिति नियंत्रण से बाहर जा रही है तो उन्होंने पीछे हटने का प्रयास किया। इस दौरान श्रद्धालुओं पर पीछे से भी पत्थर बरसाए गए। उन पर पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा बहुत मुश्किल से लोगों को बचाकर महादेव के मंदिर पहुंचाया गया। इस दौरान कार, बसों व अन्य वाहनों में आग लगाने के साथ ताबड़तोड़ गोलियां भी चलाई गईं। जिसमें कई लोगों की जान भी चली गई।
हमले के कारण बजरंग दल के कई कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या भी हुई और समाज के दो अन्य व्यक्ति भी बलिदान हुए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि मृत आश्रितों को एक करोड़, घायलों को 20 लाख व जिनके वाहन क्षतिग्रस्त हुये हैं। उनकी क्षति पूर्ति कराई जाए। इसके साथ पूरे मामले की एनआईए से जांच कराकर दोषियों को सख्त सजा दी जाए।
