Australian Open : ऑस्ट्रेलिया ओपन के फाइनल में पहुंचे एचएस प्रणय, अब चीन के Weng Hongyang से होगा सामना

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Edited By Amrit Vichar
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सिडनी।  भारत के अनुभवी बैडमिंटन खिलाड़ी एचएस प्रणय ने शनिवार को यहां हमवतन प्रियांशु राजावत को सीधे गेम में हराकर ऑस्ट्रेलिया  ओपन के फाइनल में जगह बनाई। दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी प्रणय ने 21 वर्षीय राजावत की चुनौती को 43 मिनट तक चले मुकाबले में 21-18, 21-12 से खत्म किया। ऑरलियन्स मास्टर्स चैंपियन राजावत पहली बार सुपर 500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। 

उन्होंने मैच के पहले गेम में अच्छा प्रदर्शन किया और छठी वरीयता प्राप्त प्रणय को कड़ी टक्कर दी। इस साल मई में मलेशिया मास्टर्स जीतने वाले प्रणय ने अपने अनुभव का भरपूर उपयोग करते हुए दूसरा गेम आसानी से जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। सुपर 500 स्तर के टूर्नामेंट में साल के दूसरे फाइनल में प्रणय का सामना चीन के वेंग होंग यांग से होगा।  

प्रणय ने विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर काबिज वेंग को हराकर ही मलेशिया मास्टर्स में जीत के साथ छह साल के खिताबी सूखे को खत्म किया था। शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में प्रणय ने दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एंथोनी गिटिंग को 73 मिनट तक चले मुकाबले में पहला गेम गंवाने के बावजूद हराया था। राजावत को तेज स्मैश और नेट के शानदार इस्तेमाल के लिए जाना जाता है लेकिन प्रणय ने भारत के इस युवा खिलाड़ी के खिलाफ अपने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया। राजावत ने 2-0 की बढ़त के साथ मैच को शुरू किया लेकिन प्रणय ने लगातार चार अंक जुटाकर बढ़त बना ली। 

मध्य प्रदेश के 21 साल के खिलाड़ी ने इसके बाद शानदार स्मैश लगा कर प्रणय को चौंकाया और स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। वह हालांकि असहज गलतियों को नियंत्रित नहीं कर पाये जिससे ब्रेक के समय प्रणय ने दो अंक की बढ़त बना ली थी। राजावत ने कुछ शानदार रैलियों के दम पर अगले पांच में से चार अंक अपने नाम किये। प्रणय को कड़ी टक्कर देते हुए उन्होंने स्कोर 14-14 और फिर 18-18 किया। प्रणय ने दमदार स्मैश और बैकहैंड के शानदार इस्तेमाल से दो गेम प्वाइंट हासिल किया और लगातार तीसरे अंक के साथ पहला गेम जीत लिया। 

पहला गेम गंवाने के बाद राजावत ने दूसरे गेम में और अधिक जोर लगाया लेकिन इस दौरान उन्होंने गलतियां भी ज्यादा की। प्रणय ने 5-2 की बढ़त बनायी लेकिन राजावत ने कुछ अच्छे स्मैश के दम पर अनुभवी खिलाड़ी को बड़ी बढ़त हासिल करने से रोके रखा। उन्होंने 41 शॉट तक चले रैली को जीतकर स्कोर 7-7 से बराबर किया। राजावत के कुछ शॉट पर शटल नेट से टकराया तो कुछ कोर्ट के बाहर जा गिरा जिससे ब्रेक के समय प्रणय ने 11-7 की बढ़त बना ली। ब्रेक के बाद राजावत ने वापसी करने की एक और कोशिश की लेकिन प्रणय ने 13-11 की बढ़त बनाने के बाद इस खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया और उन्होंने अगले आठ में से सात अंक जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।

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