अयोध्या में खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर, सरयू नदी में लगे चेतावनी बोर्ड
लाल निशान से महज 40 सेमी ही दूर, 92.730 है खतरे का निशान
अयोध्या, अमृत विचार। अयोध्या में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से महज 40 सेंटीमीटर ही दूर है, जिसको लेकर निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा मंडराने लगा है। अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को भी सरयू नदी में अब खतरे से बचाए जाने के लिए घाटों पर जिला प्रशासन ने जंजीर के अंदर स्नान करने के साथ ही जगह-जगह चेतावनी वाले बोर्ड भी लगवा दिए हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण अयोध्या की सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने लगा है, जिसको लेकर आसपास बसे गांव में अलर्ट जारी किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शनिवार शाम चार बजे जलस्तर 92.350 सेंटीमीटर पहुंच गया था, जबकि खतरे का निशान 92.730 सेंटीमीटर है। अभी भी सरयू का जलस्तर प्रति घंटे एक सेंटीमीटर बढ़ रहा है। जल आयोग की मानें तो बीते वर्ष 2009 में सरयू का जलस्तर सर्वाधिक 94.10 सेंटीमीटर दर्ज किया गया था। इसी प्रकार जलस्तर बढ़ते क्रम में रहा तो 72 घंटे में एक बार फिर 93 सेंटीमीटर से अधिक हो जाएगा। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अयोध्या में भी प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सरयू नदी के तट पर गहरे पानी में स्नान करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बकायदा पुलिस की ड्यूटी लगाई गई है जो श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोक रहे हैं। सरयू की जलधारा में लगी हुई जंजीरों के आगे ही स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं से निवेदन किया जा रहा है। सभी घाटों पर चेतावनी वाले बोर्ड भी लगाए गए हैं।
किनारे बसे गांवों में दहशत, ऊंचे स्थानों पर तलाशी जा रही जगह
सरयू में फिर से चढ़ रहे जलस्तर को लेकर तराई क्षेत्र में बसे परिवारों में बेचैनी बढ़ गई है। रौनाही तटबंध व ढेमवा पुल के रास्ते आने जाने वाले गोंडा के गांव बहादुरपुर साखीपुर ब्योन्दा आदि से जुड़े कई गांव के लोगों का जीवन प्रभावित होने लगा है। कई परिवारों ने अपनी गृहस्थी समेटकर मैदानी क्षेत्र के ऊंचाई वाले स्थानों पर जगह तलाशना शुरू कर दिया है। मांझा कला से लेकर सरयू के किनारे बसे सीवार तक दर्जनों गांव के लोग दहशत में आ गए है। इनकी मांझा की फसल पानी मेें डूबने लगी है। ढेमवा पुल के चोर रास्ते से जान जोखिम में डाल निजी नाव व स्टीमर से सैकड़ों लोग प्रशासन की रोक के बावजूद आ जा रहे हैं। रौनाही की ओर से पुल पर आवाजाही पर रोक है, लेकिन गोंडा जनपद की ओर से कोई रोक न लगाए जाने से खतरनाक आवागमन जारी है, जो सरयू में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उपजिला अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया मांझा कला में एक बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किया गया है। राजस्व कर्मियों को अपने क्षेत्र में चौकन्ना रहने का निर्देश दिया है। अभी चिंता की बात नहीं है। राहत और बचाव की टीम तैयार है।
इसलिए बढ़ रहा जलस्तर
पहाड़ों पर लगातार वर्षा हो रही है, इसके चलते पड़ोसी देश नेपाल के आलावा पहाड़ी राज्यों से आने वाले पानी समेत बड़ी मात्रा में बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे लगातार सरयू का जलस्तर बढ़ रहा है। जिस तरह रोज बारिश हो रही है और बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है उससे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच गया है। - अमन राज, जूनियर इंजीनियर, केंद्रीय जल आयोग
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