साहब! बेटे की मौत के जिम्मेदारों को नहीं पकड़ रही पुलिस, हाथ जोड़कर DM-SP के सामने रो पड़ी मां
प्रेमिका समेत 6 आरोपियों के खिलाफ दर्ज है आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट
मनकापुर/ गोंडा, अमृत विचार। साहब! बेटे की मौत के जिम्मेदार आरोपियों को पुलिस नहीं पकड़ रही है। थाने का चक्कर काटते 8 महीने बीत चुके हैं लेकिन पुलिस उसे टरका रही है। शनिवार को मनकापुर में आयोजित समाधान दिवस में एक महिला ने रोते हुए डीएम व एसपी को अपनी पीड़ा बतायी तो अफसर अवाक रह गए। एसपी ने तत्काल कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को तलब किया और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के जैदवा गांव के रहने वाले राजेंद्र नाम के युवक का गांव की रहने वाली एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी प्रेमिका के घर वालों को हुई तो उन्होने राजेंद्र को प्रताडित करना शुरू कर दिया। इस प्रताड़ना से तंग आकर राजेंद्र ने पिछले वर्ष 23 नवंबर को जहर खा लिया था। 30 नवंबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। इस मामले में मृतक की मां मीना ने प्रेमिका व उसके परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी। मीना का कहना है कि पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली लेकिन आरोपियों की गिरफ़्तारी नहीं हुई। वह लगातार थाने का चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय उसे टकराती रही।
शनिवार को समाधान दिवस में पहुंची मीना ने हाथ जोडकर रोते हुए जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल को अपनी पीड़ा बताई। महिला ने कहा साहब! पुलिस उसके बेटे की मौत के जिम्मेदारों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। आठ महीने से उसे टरकाया जा रहा है। इस पर एसपी ने तत्काल मनकापुर कोतवाल सुधीर सिंह को तलब किया तो उन्होने कहा कि अभी जल्द ही उनकी मनकापुर में पोस्टिंग हुई है। समाधान दिवस खत्म होने के बाद एसपी अंकित मित्तल कोतवाली पहुंचे और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। एसपी ने कोतवाली पुलिस को नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।
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गिरफ्तारी तो दूर 8 महीने में चार्जशीट तक नहीं तैयार कर सकी पुलिस
राजेंद्र के आत्महत्या किए जाने की मामले में मनकापुर पुलिस की शिथिलता भी सामने आई है। मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस 8 महीने में चार्जशीट तक नहीं तैयार कर सकी। मामले की विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव का कहना है कि नामजद आरोपियों ने चार्जशीट दाखिल होने तक हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। स्टे के कारण गिरफ्तारी नहीं की गयी, लेकिन इन 8 महीनों में विवेचना पूरी क्यों नहीं हुई, इसका जवाब वह नहीं दे सके।
विसरा रिपोर्ट मिलने में देरी से रूकी रही चार्जशीट- सीओ
वहीं इस मामले में सीओ मनकापुर सौरभ वर्मा ने कहा कि मृतक की मौत जहर खाने से हुई थी। इसलिए उसका विसरा जांच के लिए भेजा गया था। विसरा रिपोर्ट न आने से चार्जशीट नहीं दाखिल की जा सकी। अब रिपोर्ट आ गयी है और चार्जशीट तैयार है। जल्द ही उसे न्यायालय में दाखिल किया जायेगा।
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