बरेली: इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर दिया कोरोना संक्रमित, हड़कंप
बरेली,अमृत विचार। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की जरा सी लापरवाही ने वहां भर्ती मरीजों के होश उड़ा दिए हैं। बुखार से पीड़ित युवक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। 24 घंटे बाद जब युवक का टेस्ट कराया गया तो वह कोरोना संक्रमित निकला। इससे इमरजेंसी में हड़कंप मच गया। कोरोना …
बरेली,अमृत विचार। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की जरा सी लापरवाही ने वहां भर्ती मरीजों के होश उड़ा दिए हैं। बुखार से पीड़ित युवक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती करा दिया गया। 24 घंटे बाद जब युवक का टेस्ट कराया गया तो वह कोरोना संक्रमित निकला। इससे इमरजेंसी में हड़कंप मच गया।
कोरोना संक्रमित पिछले 24 घंटे से इमरजेंसी वार्ड में आराम से घूम रहा था। मरीजों के साथ-साथ उसने कई मरीजों के तीमारादारों से भी बातचीत की। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों में अब हड़कंप मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के पास भी इसका कोई जवाब नहीं कि जब मरीज बुखार से पीड़ित था तब उसे इमरजेंसी में क्यों भर्ती कराया गया। संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए गए वार्ड में युवक को क्यों भर्ती नहीं कराया गया। इसका जवाब स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के पास नहीं है।
भमोरा के एक युवक को कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। वह सीएचसी भमोरा में दिखाने पहुंचा। यहां से डाक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रविवार देर शाम परिजन युवक को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। जहां तैनात डाक्टर ने युवक को वार्ड में भर्ती कर लिया।
पिछले 24 घंटे तक युवक इमरजेंसी वार्ड में घूमता रहा। सोमवार को उसकी एंटीजेन जांच कराई गई तो वह पॉजिटिव निकला। युवक के कोरोना संक्रमित निकलने पर इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप मच गया। वहां भर्ती मरीजों के साथ ही तीमारदार भी डरे हुए हैं। इनका कहना है कि जब एंटीजेन टेस्ट हो रहे हैं और युवक को बुखार था तो भर्ती करते समय ही उसका एंटीजेन टेस्ट क्यों नहीं कराया गया।
“इमरजेंसी वार्ड में भर्ती युवक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने की सूचना स्टाफ ने दी है। मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट करके वार्ड को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है। संक्रमित युवक के साथ भर्ती सभी मरीजों और स्टाफ की कोरोना की जांच कराई जाएगी।” -डा. हर्षवर्धन, सीएमएस, जिला अस्पताल
