बरेली: उद्योगों से जुड़े 150 आवेदन पत्र 10 विभागों की फाइलों में दबे, निवेशक परेशान
1 अप्रैल से 26 जुलाई तक की स्थिति उजागर हुई तो डीएम ने जिम्मेदारों को जल्द निस्तारित के जारी किए निर्देश
बरेली, अमृत विचार। उद्योग लगाने के लिए निवेशकों को सरकारी विभागों के दफ्तरों के चक्कर लगाते पड़ते हैं, उसके बाद भी काम समय सीमा हो जाए, इसकी भी गारंटी नहीं है। कई प्रकार के उद्योगों से जुड़े 150 आवेदन पत्र सरकारी फाइलों में दबे हैं। अधिकारी इन आवेदनपत्रों की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे एनओसी जारी नहीं होने पर उद्यमियों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार जिला उद्योग बंधु की बैठकों में उद्यमियों ने लंबित आवेदनपत्रों के मामलों को उठाया है। पिछले महीने हुई जिला उद्योग बंधु की बैठक में लंबित आवेदन पत्रों के मामले जोरशोर से उठाए गए, तब डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने 27 जुलाई को लंबित आवेदन पत्राें की सूची जारी कराकर संबंधित विभागों के जिम्मेदारों को जल्द निस्तारित के निर्देश जारी किए हैं।
इन विभागों के पास अटकी हैं फाइलें
1 अप्रैल से 26 जुलाई तक लंबित आवेदनों की सूची तैयार की गई है। सूची के अनुसार यूपीसीडा के पास 36, श्रम विभाग 17, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 25, विद्युत सुरक्षा विभाग 3, भूजल विभाग 7, अग्निशमन विभाग 3, आवास विकास 2, राजस्व विभाग 19, फर्म सोसायटी 4, हार्टीकल्चर एंड फूड प्रोसेसिंग 23 और टूरिज्म के पास 1 आवेदन पत्र लंबित हैं। इनके अलावा 98 उद्यमियों के आवेदनपत्रों काे अस्वीकृत कर दिया। इसमें सर्वाधिक कृषि विभाग ने 19, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 8, अग्निशमन विभाग ने 11, पब्लिक वर्क्स ने 13, बीडीए/आवास विकास 11, फूड सेफ्टी एंड ड्रग्स विभाग ने 7 आवेदनपत्रों को अस्वीकृत किया है। हालांकि, 1500 से अधिक आवेदन पत्र स्वीकृत भी किए गए हैं। डीएम और उपायुक्त उद्योग की ओर से जारी कार्यवृत्त में बिंदुवार उद्यमियों की समस्या का जिक्र करते हुए उसके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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