स्वतंत्रता दिवस पर प्रज्ज्वलित किये जाने वाले मिट्टी के दीए बनाने में जी-जान से जुटा कश्मीरी कुम्हार
श्रीनगर। देश की 75वीं आजादी का जश्न मनाने के लिए सरकारी कार्यालयों में ‘मेरी मिट्टी मेरा देश’ पहल के तहत प्रज्जवलित किये जाने वाले 5,000 मिट्टी के दीयों के बड़े ऑर्डर को पूरा करने के लिए कश्मीर के एक कुम्हार ने दिन-रात एक कर रखा है। सत्ताइस वर्षीय वाणिज्य स्नातक मोहम्मद उमर ने 5,000 मिट्टी के दीयों की समय सीमा को पूरा करने के लिए अपने कुछ मजदूरों के साथ जी-जान से जुटा है। उसे नौ अगस्त को दीए डिलीवरी करने का ऑर्डर मिला है।
घाटी के जाने-माने कुम्हार उमर ने कहा , “यह एक अच्छी पहल है। मैं मिट्टी के दीये तैयार करके बेहद खुश हूं। इन दीयों को ‘कश्मीर घाटी के विभिन्न कार्यालयों और पंचायतों में 75वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए जलाया जायेगा।” उन्होंने कहा कि ‘मेरी मिट्टी मेरा देश’ पहल न केवल देश के लोगों को राष्ट्र के प्रति अपना प्यार और स्नेह व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगी बल्कि बड़ी संख्या में लोगों को अपनी आजीविका कमाने में भी सक्षम बनायेगी। उमर के बनाये मिट्टी के चमकदार बर्तनों को हाल ही में अधिकारियों ने जम्मू कश्मीर के नये मौजूदा शिल्प में शामिल किया है।
उसका दावा है कि उसके बनाये ग्लेज्ड बर्तन चीन और अमेरिका की मशीन से बनी वस्तुओं की तुलना में अधिक स्वच्छ हैं। उनकी चमकदार मिट्टी से बनी ‘समोवर’ (एक पारंपरिक कश्मीरी चाय का बर्तन) को गत 22 से 24 मई तक श्रीनगर में आयोजित तीसरी जी-20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक के दौरान कला और शिल्प बाजार में भी प्रदर्शित किया गया था। उमर ने टाइलों पर मिट्टी के कुछ टुकड़े से तिरंगा भी बनाया है, जिसे स्वतंत्रता समारोह के दौरान श्रीनगर और घाटी के अन्य हिस्सों में सरकारी कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर लगाया जायेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने ‘मेरी मिट्टी मेरा देश’ पहल की शुरुआत की है , जिसकी परिकल्पना भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्षों के ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के समापन कार्यक्रम के रूप में की गयी है। इस पहल के तहत देश के विभिन्न हिस्सों से विभिन्न प्रकार की मिट्टी विकसित करने के लिए मिट्टी एकत्र की गयी है।
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