लखनऊ : हर दिन मर रहे 200 से अधिक लोग, जानें कैसे बच सकती हैं इनकी जिंदगी

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। देश में 50,000 लीवर और 175,000 किडनी दान की आवश्यकता है। अंगों की अनुपलब्धता के कारण हर दिन 283 लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। यह जानकारी सोटो यूपी के संयुक्त निदेशक और एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ आर हर्षवर्धन ने सोमवार को दी। वह फतेहपुर जिले में स्थित महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में "अंग एवं ऊतक दान जीवन का उपहार" विषय पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (सोट्टो यूपी ) और एसजीपीजीआई स्थित अस्पताल प्रशासन विभाग की तरफ से किया गया था।

दरअसल, अंग दान के बारे में जागरूकता पैदा करने और आम जनता को इसके बारे में संवेदनशील बनाने के लिए डॉ.आर.हर्षवर्धन लगातार प्रयास कर रहें हैं। इसी के तहत आज डॉ. आर. हर्षवर्धन ने कार्यक्रम में आये लोगों को प्रत्यारोपण के लिए अंगों की भारी कमी के बारे में भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने कार्डिएक और ब्रेनस्टेम डेथ की अवधारणा को समझाया। सोट्टो यूपी की एसआर प्रभारी डॉ. अनिता जोस एलेनकिल ने "सड़क यातायात दुर्घटना (आरटीए) और ब्रेन स्टेम डेथ डिक्लेरेशन (बीएसडीडी) के बाद कैडवेरिक हार्वेस्ट" के विषय पर विचार-विमर्श किया, जिसमें उन्होंने देश में हर एक मिनट में होने वाली एक सड़क यातायात दुर्घटना के आंकड़ों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि लगभग 70 फीसदी सड़क दुर्घटनाओं में सिर पर चोट लगती है। उनके बाद डॉ. आकांक्षा चौधरी, जेआर प्रभारी, सोट्टो यूपी एवं जेआर, अस्पताल प्रशासन विभाग, एसजीपीजीआई ने "अंग और ऊतक दान: समय की आवश्यकता" के बारे में सभा को बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और राज्य स्तर पर विभिन्न अंगों की मांग और आपूर्ति की कमी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2022 में यूपी में 41,746 आरटीए हुईं, जिससे 22,595 मौतें हुईं। यदि इनमें से एक प्रतिशत भी लोग अंग दान करना चुनते हैं, तो वे 450 किडनी और 225 लीवर देंगे। उक्त कार्यक्रम के बाद डॉ. वैभव श्रीया, जेआर प्रभारी, सोट्टो यूपी एवं जेआर, अस्पताल प्रशासन विभाग, एसजीपीजीआईएमएस ने "अंग दान के बारे में मिथकों और वास्तविकताओं" पर प्रकाश डाला, जिसमें उन्होंने अंग दान के 10 आम मिथकों पर प्रकाश डाला। दान किए गए अंगों का दुरुपयोग, अंग दान करने पर अगले जन्म में अंग गायब होना आदि के बारे में प्रासंगिक वास्तविकताओं के बारे में उन्हें बताया गया।

इस अवसर पर सोटो की सह डीईओ शिप्रा श्रीवास्तव ने बताया कि कोई भी व्यक्ति अंगदान का संकल्प ले सकता है। इस अवसर पर लोगों ने अंगदान का संकल्प भी लिया।

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