Conjunctivitis Eye Flu: कंजक्टिवाइटिस से आंखों के साथ सूज रहा बच्चों का चेहरा, शुगर, बीपी व बीमार मरीज रखें अपना ख्याल
कानपुर में कंजक्टिवाइटिस से हैलट ओपीडी के नेत्र रोग व बाल रोग विभाग में लगातार पहुंच रहे मरीज।
कानपुर में कंजक्टिवाइटिस से आंखों के साथ बच्चों का चेहरा सूज रहा। हैलट ओपीडी के नेत्र रोग व बाल रोग विभाग में लगातार मरीज पहुंच रहे।
कानपुर, अमृत विचार। कंजक्टिवाइटिस अब धीरे-धीरे घातक रूप लेता जा रहा है। बड़े लोगों को जहां देखने में धुंधलापन महसूस हो रहा है। वहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बच्चों की आंखों के साथ उनका चेहरा तक सूज जा रहा है। ऐसे में उनको काफी तकलीफ हो रही है।
हैलट अस्पताल की नेत्र रोग ओपीडी में सोमवार को करीब दौ सौ से अधिक मरीज आंखों की समस्या ग्रस्त पहुंचे। इनमें से अधिकांश मरीज कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित थे, जिसमे बच्चे, युवा, महिला व बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग शामिल रहे। बाल रोग विभाग की ओपीडी में करीब 12 बच्चे ऐसे पहुंचे, जिनकी आंखों के साथ उनके पूरे चेहरे पर भी सूजन थी। उनके आंखों से बार-बार पानी व कीचड़ आ रहा था, जिनको वह बार-बार छू रहे थे।
बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार आर्या ने बच्चों के माता-पिता को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, बार-बार बच्चे को आंखों को न छूने देने और समय-समय पर बच्चे का हाथ धोते रहने की सलाह दी। विभागाध्यक्ष के मुताबिक बच्चों को संक्रमण प्रमुख रूप से उनके पिता या घर से बाहर जाने वाले परिवार के लोगों से होता है। ऐसे बच्चों की आंखों को कंजक्टिवाइटिस काफी नुकसान पहुंचा सकता है।
दरअसल, कंजक्टिवाइटिस के संक्रमण से आंखों में काफी खुजली होती है, ऐसे में बच्चे आंखों को काफी रगड़ते हैं। इससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है। बच्चों में संक्रमण होने के कुछ घंटों के अंदर ही दवा शुरू करने की जरूरत होती है। पांच साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा कंजक्टिवाइटिस के शिकार होते हैं। बच्चो की रोग प्रतिरोधिक क्षमता कम होती है, इसलिए वह जल्दी ही संक्रामक बीमारी की चपेट में आ जाते हैं।
शुगर, बीपी व बीमार जरूर रखें ख्याल
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. विकास मिश्रा ने बताया कि शुगर, बीपी या किसी भी तरह की बीमारी से ग्रस्त मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पहले से ही कमजोर होती है। ऐसे में इन मरीजों की आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है। समय पर ध्यान न दिए जाने पर आंखों की रोशनी पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
शुगर, बीपी व बीमार लोगों को ऐसे में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इसलिए साफ-सफाई का विशेष का ध्यान रखे, संक्रमित व्यक्ति को न छूएं, चश्मा लगाए रहे, सार्वजनिक जगहों पर किसी भी वस्तु को न छूएं, छोटे बच्चों को गोद में लेने या बाहर से आने पर हाथ जरूर धोएं। सबसे अहम बात यह है कि कंजक्टिवाइटिस या एडिनो वायरस (आई फ्लू) संक्रमित व्यक्ति को देखने से नहीं फैलता है।
