पूर्व पीएम नरसिम्हा राव को ‘भारत रत्न’ की मांग संबंधी प्रस्ताव तेलंगाना विधानसभा में पारित
हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित हो गया। इस प्रस्ताव में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राव के नाम पर करने के अलावा संसद भवन परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और मूर्ति लगाने …
हैदराबाद। तेलंगाना विधानसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार से पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा को सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न देने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित हो गया। इस प्रस्ताव में हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राव के नाम पर करने के अलावा संसद भवन परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने और मूर्ति लगाने की मांग की गई है।
इस प्रस्ताव में केंद्र सरकार से इससे संबंधित घोषणा संसद के मानसून सत्र के दौरान करने की मांग की गयी है। इस प्रस्ताव को विधानसभा में पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव ने कहा कि राव एक बहुभाषी विद्वान थे और देश के आर्थिक सुधार के प्रणेता थे। उन्होंने कहा कि राव ने भारतीय अर्थव्यस्था को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि राव दक्षिण भारत के पहले प्रधानमंत्री थे।
उन्होंने कहा कि यदि पंडित जवाहर लाल नेहरू आधुनिक भारत के निर्माता थे, तो नरसिम्हा राव वैश्विक भारत के निर्माता थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री की जन्म शताब्दी को पूरे एक वर्ष तक मनाने का फैसला किया है, ताकि देशभर के लोग राष्ट्र के लिए उनके योगदान को याद रखें। इस मौके पर मंत्री के. टी. रामा राव, वी श्रीनिवास गौड़, इंद्र करण रेड्डी, सत्यवती राठोड, जी. कमलाकर तथा कांग्रेस पार्टी के नेता भट्टी विक्रमार्क नेे भी अपने विचार व्यक्त किए।
