बरेली: फल से महंगी सब्जी, मेवा से महंगे मसाले

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Edited By Amrit Vichar
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अदरक, टमाटर के दाम सेब और अनार भी ज्यादा

बरेली, अमृत विचार। इन दिनों खाद्य वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। बाजार में फलों से महंगी सब्जी तो मेवा से महंगे मसाले बिक रहे हैं। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उधर, दुकानदार त्योहार पर महंगाई और बढ़ने की बात कह रह हैं।

लहसुन, अदरक, शिमला मिर्च जहां सेब से महंगा है तो वहीं टिंडा, परवल भी अमरूद, पपीता, केला जैसे फलों से कहीं ज्यादा दाम पर मिल रहा है। किराना दुकानदार बताते हैं कि दो महीने के भीतर गरम मसाले में उपयोग होने वाली बड़ी इलाइची के दाम 300 रुपये तक बढ़ गए हैं, जबकि छोटी-बड़ी इलाइची, जीरा, जावित्री, जायफल के दाम भी काफी बढ़े हैं। हालांकि आटा, अरहर दाल, बेसन, चना, मैदा के दाम स्थिर हैं। मेवा में काजू और बादाम के दाम कुछ बढ़े हैं। मखाने के दाम में भी कुछ तेजी देखने को मिली है। टमाटर के दाम गिरे हैं।

सब्जियों के दाम प्रति किलो में
टमाटर -120, शिमला मिर्च- 100, फली -90, धनिया- 70, टिंडा- परवल-50, करेला- 30, भिंडी-30, नींबू-40, अदरक- 200, लहसुन -150।

फलों के दाम प्रति किलो में
सेब- 100, अनार- 100, पीपीता-40, मुसम्मी 50, नाशपाती- 60, अमरूद 40, केला 40 (12 पीस), कीबी 30 (एक पीस)

मेवा के दाम प्रति किलो में
काजू 700, बादाम 725, मखाना 700, किशमिश 250, गरी 160।

मसाले के दाम प्रतिकिलो में
पिसा धनिया 180, हल्दी-160 सबूत, सौंफ 400, जीरा 800, काली मिर्च 850, जायफल 750, लौंग 1100, बड़ी इलाइची 1350, छोटी इलाइची 2400, जावित्री 2000।

फल सब्जी वाली खबर में लोगों की बातचीत, लोग बोले---
पिछले दिनों के मुकाबले अब कुछ सब्जियों के दाम नीचे आए हैं। बाहरी राज्यों में बारिश का कहर थम गया है। आने वाले दिनों में सब्जियों के दाम में और कमी आएगी। एक महीने में टमाटर का भाव 50 रुपये तक पहुंच जाएगा-विक्की, सब्जी विक्रेता।

अब लौकी, टमाटर समेत कई अन्य सब्जियों के दामों में लगातार कमी देखने को मिल रही है। अदरक के दाम अभी बढ़े चल रहे हैं। रक्षा बंधन के बाद दामों में गिरावट देखने को मिलेगी- ओमकार, सब्जी विक्रेता।

जीरा, काली मिर्च के दाम काफी बढ़ गए हैं। इसके मुख्य वजह पिछले साल पैदावार कम होना है। इन दिनों सौंफ और धनिया भी बाजार में महंगा है। इसका भी यही कारण है। अदरक महंगी होने की वजह से सोंठ के दाम बढ़ गए हैं-अनुज अग्रवाल, मसाला कारोबारी।

सेब थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन केला, अमरूद, अनार, नाशपाती समेत अन्य फलों के दाम अभी काफी स्थिर चल रहे हैं। बारिश की वजह से पिछले दिनों दाम कुछ बढ़े थे। अब फल सस्ते होने पर मांग भी बढ़ गई है-शाहरुख, फल विक्रेता।

जिस तरह सब्जी पर महंगाई देखने को मिली थी ठीक उसी तरह सेब, अनार, केला समेत अन्य फलों को हाल था। केले के दाम 70 रुपये दर्जन बताते पर ग्राहक आगे निकल जाते थे। अब सभी फल सस्ते हैं, इसलिए बिक्री भी खूब हो रही है- अरुन, फल विक्रेता।

काजू, बादाम, पिस्ता, बादाम समेत ज्यादातर मेवा दूसरे देशों से आती हैं। अखरोट कश्मीर से आता है। सावन का महीना चल रहा है। इसलिए व्रत के दिनों के कारण मखाने के रेट में कुछ तेजी आई है-संजय आनंद, मेवा कारोबारी।

पहले सब्जियां महंगी होने की वजह से बजट बिगड़ गया था, अब मसालों पर महंगाई ने हर महीने जेब का बोझ बढ़ा दिया है- राम बाबू, ग्राहक।

महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। मसाले के दाम आसमान छू रहे हैं। पहले कभी जीरा और काली मिर्च के इतने दाम नहीं बढ़े थे- राम सिंह पाल, ग्राहक।

छोटी-बड़ी इलाइची, जीरा, जावित्री, जायफल सहित सभी मसालों के दाम काफी बढ़े हैं। लोगों को तड़का महंगा पड़ रहा है-अंकुर, मसाला व मेवा विक्रेता।

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