Etawah News: विधानसभा में गूंजा सफारी में शावकों की मौत का मामला, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उठाया मुद्दा
इटावा में विधानसभा में गूंजा सफारी में शावकों की मौत का मामला।
विधानसभा में सफारी में शावकों की मौत का मामला गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुद्दा उठाया। जन्म के कुछ दिनों बाद ही चार शावकों की मौत हो गई थी।
इटावा, अमृत विचार। लायन सफारी में शेरनी सोना के चार शवकों की मौत का मामला विधानसभा में गूंजा। पूर्व मुख्यमंत्री तथा नेता विपक्ष अखिलेश यादव ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा की शेरनी सोना के गर्भवती होने की जानकारी सफारी प्रशासन को थी आईवीआरआई बरेली से भी इसकी रिपोर्ट आ चुकी थी इसके बाद भी सफारी प्रशासन ने लापरवाही की।
शेरनी सोना ने पांच शावकों को जन्म दिया इनमें से चार शावकों की मौत हो गई उन्होंने कहा कि सफारी की व्यवस्था दुरस्त नहीं है शेरों की तथा अन्य जानवरों की अच्छी तरह देखरेख भी नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सफारी के एक-एक अधिकारी पर दो दो स्थानों का चार्ज है इसके कारण कामकाज प्रभावित है। सरकार की उपेक्षा के कारण विश्व स्तरीय सफारी बदहाल होती जा रही है।
बता दें कि इटावा सफारी में शेरनी सोनाने 6 जुलाई से लेकर 10 जुलाई तक 5 शावकों को जन्म दिया था जिनमें से चार शावकों की मौत हो गई तभी से यह मुद्दा गरमाया हुआ है। शेरनी सोना का एक शावक जो जीवित बचा है उसे भी शेरनी ने दूध नहीं पिलाया सफारी प्रशासन इस को बोतल से दूध व अन्य फूड सप्लीमेंट दे रहा है।
सफारी में है डॉक्टरों की कमी
इटावा सफारी में वन्यजीवों के इलाज के लिए डॉक्टरों की काफी कमी है और इसे दूर नहीं किया जा सका है । इस समय सफारी में वन्य जीवों की देखरेख के लिए सिर्फ एक डॉक्टर हैं जरूरत पड़ने पर कानपुर तथा मथुरा से डॉक्टर को बुलाया जाता है लेकिन सफारी में सिर्फ एक ही डॉक्टर है जबकि यहां दो डॉक्टरों के पद हैं।
