मुरादाबाद: हिजबुल आतंकी अहमद रजा के घर से बरामद हुई यूएसए मेड पिस्टल

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Edited By Amrit Vichar
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एटीएस ने आतंकी के सामने पूरे घर की तलाशी, गांव में और बढ़ी खामोशी

सोशल मीडिया फोटो

मुरादाबाद, अमृत विचार। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस-एंटी टेररिस्ट स्क्वायड) ने हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े अहमद रजा के घर से यूएसए मेड ऑटोमेटिक पिस्टल, मैग्जीन और छह कारतूस बरामद किए हैं। एटीएस अहमद रजा को लेकर उसके गांव मिलक गुलड़िया लेकर आई थी।

घर में करीब घंटे पर छानबीन भी की, जहां से उसकी निशानदेही पर ही एटीएस को पिस्टल, मैग्जीन व कारतूस कब्जे में लिया। कार्रवाई के दौरान उसकी घर में किसी सदस्य से कोई बात नहीं हुई। उसकी मां गड्डो व बहनें सभी उसकी ओर देखकर मुंह फेर ले रही थीं।

एटीएस ने अहमद रजा उर्फ शाहरुख उर्फ मोहिउद्दीन को 3 अगस्त को सहारनपुर से दबोचने का दावा किया था। लंबी पूछताछ के बाद एटीएस के अधिकारी अहमद रजा को उसके गांव लेकर आई थी। विदेशी ऑटोमेटिक पिस्टल, मैग्जीन व कारतूस मिलने पर एटीएस ने पूर्व में दर्ज कराए गए केस में आर्म्स एक्ट की धारा की वृद्धि कराई है।

अहमद रजा अभी पुलिस कस्टडी रिमांड पर है। पिस्टल बरामद होने की खबर पर गांव वाले भी हैरत में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अभी कुछ दिन पहले अहमद रजा को एटीएस ने करनपुर से उठाया था लेकिन, वह लोग इतना नहीं जानते थे जितनी सच्चाई सामने आ रही है। फिलहाल, फिर एटीएस के गांव आने और बड़ी बरामदगी के बाद से गांव में कानाफूसी बढ़ गई है। लेकिन, कोई भी ग्रामीण इस मामले में कुछ बताने को तैयार नहीं है। 

प्रधान फरीदन के बेटे सनब्बर अली ने गांव में एटीएस के आने की जानकारी न होने की बात कह दी। कहा, इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्हें किसी गांव वाले ने कुछ बताया। यहां तक कि अहमद रजा को लेकर एटीएस के दोबारा उसके घर आने तक के बारे में मूंढापांडे थाना पुलिस को भी जानकारी न होने की बात दरोगा उत्तम मलिक कह रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी आतंकी घटना की तैयारी में था अहमद
एटीएस ने दावा किया है कि अभियुक्त अहमद रजा से पूछताछ में पता चला है कि हिजबुल मुजाहिदीन के पोस्टर ब्वाय बुरहान वानी व जाकिर मूसा से वह प्रेरित है और उनको अपना आदर्श मानता है। इसके मोबाइल से वीडियो, फोटो और व्हाट्सएप एवं फेसबुक मैसेंजर चैट भी एटीएस को मिली हैं।

व्हाट्सएप एवं फेसबुक चैट्स में पाया गया है कि अभियुक्त अहमद रजा पाकिस्तानी व अफगानी आतंकियों के संपर्क में था और उनसे हथियार चलाने की ट्रेनिंग ले रहा था। अहमद रजा तालिबानी सेना की स्पेशल फोर्स बदरी 313 कमांडों शाखा में शामिल होना चाहता था।

अहमद रजा के मोबाइल में मुजाहिदीनों के लिए हथियारों की व्यवस्था करने की चैट व फोटो मिली हैं। अहमद रजा जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकवादी वलीद के संपर्क में था। इसी के कहने पर उसने ऑटोमैटिक पिस्टल खरीदी। फिरदौस ने अहमद रजा को कश्मीर बुलाकर अनंतनाग की पहाड़ियों में आतंकवादी बनने की ट्रेनिंग दी थी। अहमद रजा अपने साथी से मिलकर आगामी स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था।

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