राेजगार समाधान
भारत एक युवा देश है जिसमें लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। बेरोजगारी की बढ़ती चुनौती के बीच सरकार की कोशिश ज्यादा से ज्यादा लोगों को हुनरमंद बनाने की है। युवाओं को हुनरमंद बनाना एक चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन सरकार ने कौशल विकास के पूरे ढांचे को तत्कालिक जरूरत के लिहाज से तैयार करने की दिशा में भी पहल की है। कौशल से रोजगार का रास्ता निकलता है।
उद्योगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में नेशनल स्किल क्वािलफिकेशन फ्रेमवर्क को नए सिरे से तैयार किया जाएगा। इस काम में उद्योगों और कौशल विकास से जुड़ी एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। अनुमान है कि 2047 तक भारत में 1.1 अरब लोग कामकाजी उम्र समूह (15-64) में होंगे और इस तरह भारत के पास अपने युवाओं की क्षमता को उजागर करने के लिए एक अनूठा अवसर है।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के अनुसार भारत में 2030 तक 2 करोड़ 90 लाख हुनरमंद युवाओं की कमी का अनुमान है। आईएलओ के अनुमान के मुताबिक अगले दशक में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के संदर्भ में हुनर की ये कमी 1.97 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की है।
यूनेस्को के मुताबिक टेक्निकल एंड वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (टीवीईटी) का मतलब व्यवसाय के महत्वपूर्ण क्षेत्रों, उत्पादन सेवाओं और आजीविका की आवश्यकताओं का ध्यान रखने के लिए शैक्षणिक, प्रशिक्षण और कौशल विकास की प्रक्रिया की व्यापक श्रेणी को हासिल करना है। ये अच्छे काम जीवन भर की सीख और समावेशी व सतत अर्थव्यवस्था के लिए लोगों तथा समुदायों को अधिकार संपन्न बनाने की सहूलियत पर भी ज़ोर देता है।
टीवीईटी में 10 लाख युवाओं, जो हर महीने भारत में नौकरी के बाज़ार में आते हैं, को उचित नौकरी मुहैया कराने की क्षमता है। फिर से कौशल सिखाने और अपग्रेडिंग समेत कई तरह के हुनर मुहैया कराने के लिए औपचारिक संस्थानों के नेटवर्क की स्थापना की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए भारत ने पहले ही अपने कामकाजी उम्र के लोगों को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने के मकसद से एक व्यवस्थात्मक बदलाव शुरू कर दिया है।
कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय अपनी प्रमुख योजना स्किल इंडिया मिशन को भविष्य के हुनरमंद कामकाजी लोगों (वर्कफोर्स) को विकसित करने के व्यापक उद्देश्य के साथ चलाता है। मानव संसाधनों के उपयोग से कौशल में और निखार लाकर सतत विकास की प्रक्रिया को गतिमान बनाया जा सकता है।
हमें कौशल के साथ चुनौतियों का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहने की जरूरत है। देश विकसित तभी बनेगा,जब देश का हर युवा हुनरमंद हो। इसलिए युवाओं को हुनरमंद बनाना पहली प्राथमिकता है।
