फर्रुखाबाद : थानाध्यक्ष कादरी गेट एक महीने में दो बार बने साइबर क्राइम के शिकार
फर्रुखाबाद,अमृत विचार। अगर किसी के साथ अपराध हो तो पुलिस के पास गुहार लगाता है। इस बार साइबर ठगों ने थानाध्यक्ष कादरी गेट विनोद कुमार शुक्ला को ही शिकार बना दिया। थानाध्यक्ष की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर साइबर ठगों ने दो बार उनके परिचितों को फर्नीचर सामान बेचने का प्रयास किया है।
थानाध्यक्ष कादरी गेट विनोद कुमार शुक्ला की फेसबुक आईडी से फोटो को निकाल कर करीब एक महीने पूर्व फर्जी आईडी बनाई गई। कई परिचित लोगों को मेसेज कर नंबर मांगे गए। मामला संज्ञान में आने पर थाना प्रभारी ने साथ जुलाई को अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट के आईडी हैक हो जाने की जानकारी दी। साथ परिचितों को उनके नाम से आने वाले मेसेज से भी सावधान रहने को कहा।
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दूसरी बार 15 अगस्त पर एक बार फिर साइबर ठगों ने थानाध्यक्ष के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर परिचितों को जोड़ना शुरू किया। उन्हें मेसेज कर फर्नीचर सामान खरीदने का अनुरोध किया गया। मोबाइल नंबर लेकर व्ह्यट्स एप पर भी फसाने का प्रयास हुआ।
कई परिचितों ने विनोद कुमार शुक्ला को जानकारी दी। एक बार फिर विनोद कुमार शुक्ला ने अपने आधिकारिक अकाउंट पर फेसबुक आईडी हैक होने की बात कही।उनके पोस्ट पर कई परिचितों ने फर्जी फेसबुक आईडी से आए मैसेजों के स्क्रीन शॉट शेयर किए।
बड़ा सवाल !
जब पहली बार थानाध्यक्ष कादरी गेट की फेसबुक आईडी फर्जी बनाकर साइबर क्राइम किया गया था। अगर तभी साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती। तो यह दूसरी बार साइबर क्राइम की घटना नहीं होती। सवाल यह है कि थानाध्यक्ष कादरी गेट ने खुद के साइबर क्राइम का शिकार होने पर भी कानूनी कार्रवाई का रास्ता क्यों नहीं अपनाया।
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