भारत के मुसलमानों के पूर्वज गैर मुस्लिम थे- शहाबुद्दीन रजवी
फाइल फोटो
बरेली, अमृत विचार। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में चंद मुसलमान 6 हिजरी में अरब से आए थे। इन लोगों का मकसद इस्लाम का प्रचार-प्रसार नहीं बल्कि व्यापार का था, मगर उनके बुलंद किरदार और अच्छे अख्लाक को देखते हुए लोगों ने इस्लाम धर्म अपनाया।
फिर काफी वर्षों के बाद मुसलमानों को यहां सत्ता हासिल हुई और ये धीरे-धीरे बढ़ता चला गया। इस बीच सूफियों ने इस्लाम का प्रचार- प्रसार किया। नतीजन, यहां रहने वाले गैर मुस्लिम इस्लाम धर्म कुबूल करने लगे। यह ऐतिहासिक सच है कि भारत के मुसलमानों के पूर्वज गैर मुस्लिम थे। इससे किसी को इनकार नहीं। गुलाम नबी आजाद ने जो बात कही है वो बात बिल्कुल ठीक है और इतिहास के हवालों से भी दुरुस्त है।
यह भी पढ़ें- बरेली: सीएमओ कार्यालय के बाहर युवक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, लड़की को कर रहा था ब्लैकमेल
