Chitrakoot: जेल से रिहा हुईं निकहत अंसारी, बेटे को सीने से लगाकर रोई, पति अब्बास से मुलाकात के आरोप में थीं बंद
चित्रकूट में 188 दिन बाद रगौली जेल से रिहा हुईं निकहत अंसारी।
चित्रकूट में 188 दिन बाद रगौली जेल से निकहत अंसारी रिहा हुईं। पति अब्बास अंसारी से गैरकानूनी रूप से मुलाकात में गिरफ्तार हुई थीं।
चित्रकूट, अमृत विचार। लगभग छह महीने बाद माफिया मुख्तार अंसारी की बहू और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की पत्नी निकहत उर्फ निखत अंसारी कोर्ट से जमानत मिलने के बाद गुरुवार देर रात चित्रकूट जिला जेल रगौली से रिहा हो गईं। वह अपने भाई और भाभी के साथ प्रयागराज गई हैं।
गौरतलब है कि 10 फरवरी को जिला जेल में बंद पति अब्बास अंसारी से गैरकानूनी मुलाकात में निकहत को गिरफ्तार किया गया था। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने और कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद निकहत को गुरुवार रात लगभग दस बजे जिला जेल से रिहा किया गया। भारी चौकसी की वजह से इस दौरान मीडियाकर्मी निकहत से बात नहीं कर सके।
निकहत को लेने उनके वकील के साथ भाई और भाभी पहुंचे थे। निकहत ने जेल से निकलने के बाद अपने बेटे को लाड़ किया और फिर कार से अपनी भाभी और भाई के साथ करेली (प्रयागराज) को रवाना हो गईं। इस तरह लगभग 188 दिन की जेल काटने के बाद निकहत आखिरकार जमानत पर रिहा हुईं। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने निकहत को जमानत दी थी। वहीं, जेल से बाहर निकलने के बाद वह एक साल के बेटे को सीने से लगाकर रोने लगी।
यह था मामला
10 फरवरी को चित्रकूट की रगौली स्थित जिला जेल में डीएम अभिषेक आनंद और एसपी वृंदा शुक्ला ने औचक छापा मारकर अवैध रूप से मुलाकात करने में निकहत और उनके पति मऊ विधायक अब्बास अंसारी को पकड़ा था। इस मामले में निकहत के चालक नियाज अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया था। मामले में जेल अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर चौकी प्रभारी रगौली ने जेल अधीक्षक सहित लगभग छह लोगों को भी रिपोर्ट में नामजद किया था और बाद में इनकी गिरफ्तारी भी हुई थी।
11 को सुप्रीम कोर्ट ने दी थी सशर्त जमानत
गौरतलब है कि 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने निकहत बानो की जमानत अर्जी स्वीकार की थी और इस संबंध में निचली अदालत को यह भी आदेशित किया था उचित शर्तों के साथ इनका रिहाई आदेश जारी किया जाए। शीर्ष अदालत ने यह भी आदेश दिया था कि वह कोर्ट के आदेश के बिना पति अब्बास अंसारी से जेल में मिलने नहीं जाएंगी, जो इस समय कासगंज जेल में बंद है। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रभारी विशेष न्यायाधीश गौरव कुमार ने निकहत को 1.50 लाख की दो जमानतें दाखिल करने के बाद रगौली जेल रिहाई आदेश भेज दिया। इसके बाद शुक्रवार को रात लगभग दस बजे निकहत की रिहाई हुई।
