मुरादाबाद: रामगंगा नदी का जलस्तर कम, मुश्किलें बरकरार...खेतों में फसल जलमग्न

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इमलाक गांव का महानगर से संपर्क टूटा

मुरादाबाद, अमृत विचार। रामगंगा नदी का जलस्तर कम हुआ है, लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। खेतों में पानी भरा होने से फसल डूबी है। नदी किनारे वाले इलाकों के लोगों में पानी बढ़ने की चिंता अभी भी है। शुक्रवार को रामगंगा नदी का जलस्तर 189.74 मीटर दर्ज किया गया।

पिछले तीन-चार दिन से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ रहा था। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से जलस्तर बढ़ने से महानगर के आसपास के इलाकों में लोगों को परेशानी हुई। कई गांवों में घरों तक पानी पहुंच गया और फसल बर्बाद हो गई। मूंढ़ापांडे क्षेत्र के गांव हरपालनगर और रनियाठेर में कोसी नदी ने कटान किया।

 जिसे बाढ़ खंड के कर्मचारियों ने रोका। देवापुर और इमलाक गांव के जंगलों में पानी भरा था। इससे किसानों की गन्ना, धान और चारे की फसल को नुकसान पहुंचा। इमलाक गांव का महानगर से संपर्क भी टूट गया।

 शुक्रवार को नदी में पानी कम हुआ लेकिन फसल जलमग्न है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता सुभाषचंद्र ने बताया कि रामगंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार को 189.74 मीटर रहा। कालागढ़ बांध में पानी ज्यादा हो गया है। पानी छोड़ने पर नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।

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