कानपुर: महाराणा प्रताप कॉलेज में टीडीएस चोरी का ‘खेल’

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। मंधना स्थित महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार दोपहर इनकम टैक्स की टीडीएस विंग की टीम सर्वे करने पहुंची तो हड़कंप मच गया। दो गाड़ियों से पहुंचे अधिकारियों ने कॉलेज पहुंचते ही अकाउंट सेक्शन को सीज कर दिया। अधिकारियों ने स्टॉफ के मोबाइल जमा कर दस्तावेजों को खंगालना शुरु दिया।

कॉलेज की ओर से छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज पोस्ट किया गया कि वे लोग अग्रिम आदेश तक कॉलेज के खाते में फीस जमा नहीं करें। अधिकारियों दस्तावेज को सीज कर ले गए हैं। कॉलेज प्रबंधन पर टीडीएस का करीब 15 करोड़ रुपये बकाया है। प्रबंधन टीडीएस काट तो रहा था, लेकिन वह विभाग में जमा नहीं कर रहा था।

इस पर टीडीएस विंग कॉलेज के दो खातों को सीज कर चुकी है। इस बीच कॉलेज ने आईडीबीआई और एचडीएफसी बैंक में नए खाते खुलवा लिए। जिसमें छात्रों की फीस जमा करवाई जा रही है। इसका पता चलने पर टीडीएस विंग की टीम सर्वे करने पहुंच गई।

टीम ने कॉलेज पहुंचते ही अकाउंट सेक्शन को सीज कर दस्तावेजों को खंगाला, फिर कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। टीम ने कर्मचारियों से पूछा कि दोनों नए खाते कब खोले गए हैं, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अधिकारियों ने खातों की डिटेल ले ली है। अब वे खातों में हुए लेनदेन को खंगालेंगे। टीम को टीडीएस की चोरी के और प्रमाण मिले हैं।

बताया जा रहा है कि प्रबंधन कर्मचारियों के वेतन और अन्य मद में टीडीएस तो काट रहा था, लेकिन उसको जमा नहीं करने के बजाय अन्य मदो में उपयोग कर रहा था। अधिकारी कर्मचारियों के बयान लेने के बाद दस्तावेजों को लेकर चली गई। 

सर्वे टीम ने सीज किए कॉलेज के अन्य खाते
सर्वे टीम ने कॉलेज के कुछ खातों को सीज किया है। इन खातों में अब तक कितने का लेनदेन हुआ है, यह पता लगाया जा रहा है। खाते किस बैंक के हैं। अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है। 

अग्रिम आदेश तक फीस न जमा करें 
कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों से संपर्क के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। इसमें ब्राडकॉस्ट ग्रुपों के जरिए छात्र जुड़े हैं। इस समय छात्रों से फीस जमा करवाई जा रही है। कॉलेज में जैसे ही सर्वे टीम ने जांच शुरू की, उसी वक्त कॉलेज की ओर से ग्रुपों में मैसेज पोस्ट किया गया कि कोई भी छात्र अग्रिम आदेश तक कॉलेज के एचडीएफसी और आईडीबीआई बैंक के खाते में फीस नहीं जमा करेगा। 

कॉलेज की छुट्टी कर छात्रों को निकाला
सर्वे टीम को देखकर छात्रों का जमावड़ा लग गया। कुछ छात्रों ने वीडियो बना लिए तो उनके मोबाइल लेकर वीडियो को डिलीट कराया गया। इसके बाद छुट्टी कर छात्रों को बाहर निकाल दिया गया। इस वजह से उन छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जो वैन, ई-रिक्शा और बस से कॉलेज आते हैं। उनको छुट्टी के समय तक कॉलेज के बाहर खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।

दस्तावेजों को जलाने की अफवाह उड़ी
कॉलेज के अंदर जब टीम सर्वे कर रही थी। तभी धुआं उड़ने से दस्तावेजों को जलाए जाने की अफवाह उड़ गई। सोशल मीडिया में मैसेज वायरल होने लगा कि कॉलेज स्टॉफ ने दस्तावेजों को जला दिया है। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।

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