Flood In Kanpur : गंगा चेतावनी बिंदु पार, कटरी के गांवों में घुसा पानी, आज जलस्तर और बढ़ेगा, ये है मौजूदा स्थिति

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में गंगा चेतावनी बिंदु पार।

कानपुर में गंगा चेतावनी बिंदु पार कर गई। वहीं, कटरी के गांवों में पानी घुस गया। बाढ़ चौकियां भी सक्रिय हो गई। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

कानपुर, अमृत विचार। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बादल फटने के बाद हरिद्वार और नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा ने चेतावनी बिंदु पार कर लिया है। गंगा का पानी कटरी के गांवों तक पहुंच गया। कटान शुरु होने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। चैनपुरवा और भोपाल का पुरवा की हालत ज्यादा खराब है। यहां पर पानी खेतों के साथ गांव के अंदर पहुंच गया है। जिलाधिकारी ने गांवों का निरीक्षण कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान ले जाने के लिए कहा है। साथ ही बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।

बैराज पर गंगा का चेतावनी बिंदु 114 मीटर है। हरिद्वार और नरौरा डैम से लगातार पानी छोड़े जाने से  जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर 114.270 मीटर तक पहुंच चुका है। इधर, बैराज के आठों गेट खोल दिए गए है। यहां से पानी शुक्लागंज की ओर छोड़ा जा रहा है। इससे वहां पर भी जलस्तर चेतावनी बिंदु के पास है। गंगा कटरी से जुड़े गांवों में हड़कंप मचा हुआ है।

चैनपुरवा और भोपाल का पुरवा में पानी गांव के अंदर पहुंच गया है, जबकि लुधौरा में पानी प्राथमिक स्कूल तक पहुंच गया है। घबराए ग्रामीण गृहस्थी का सामान हटाने में जुट गए हैं। कटान शुरु होने से खतरा और भी बढ़ गया है। मेडिकल टीम ने गांवों में जाकर दवा का छिड़काव कराने के साथ ग्रामीणों को दवा वितरित की।

 आज जलस्तर और बढ़ेगा, ग्रामीण हलकान

नरौरा डैम से शुक्रवार को 317158 क्यूसेक और हरिद्वार से 124027 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो शनिवार सुबह तक बैराज पर पहुंचेगा। इससे बैराज पर गंगा का जलस्तर और बढ़ने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण हलकान हैं। इसे देखते हुए जिलाधिकारी ने हर घंटे जलस्तर का अपडेट लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। 

 जिलाधिकारी ने निरीक्षण कर निर्देश दिए

- जिन गांवों जल भराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, वहां पर 24 घंटे तहसील के कार्मिकों की टीम बनाकर ड्यूटी लगाई जाए।

- गांवों में बाढ़ चौकी सक्रिय रहें, चौकी में आवश्यक राहत सामग्री की उपलब्ध रहनी चाहिए।

- गंगा के जल स्तर बढ़ने की स्थिति पर प्रभावित गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर नि:शुल्क पहुंचाया जाए।

-जलभराव वाले गांवों में अतिरिक्त सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर साफ-सफाई कराई जाए। साथ ही लगातार दवा का छिड़काव किया जाए।

-जलभराव वाले गांवों में मेडिकल हेल्थ टीम कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करें

- जल भराव वाले गांवों में होम डिलीवरी के माध्यम से राशन वितरण कराया जाए।

 

 

 

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