रायबरेली : तालाब में डूबने से किशोरी की मौत, सदमे में हैं परिजन 

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गंगा एक्सप्रेस वे की मिट्टी सैंपलिंग के लिए तालाब की हुई थी खोदाई 

सलोन/रायबरेली, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र औटहिया गांव में गंगा एक्सप्रेस वे की  मिट्टी सैम्पलिंग के लिए तालाब का उपयोग किया गया था वहीं एक किशोरी की मौत का कराण बन गया। खोदाई से तालाब की गहराई अधिक हो गई है।  डेढ़ महीने के भीतर खोदाई से बने गड्डे और तालाब में डूबने से तीसरी मौत से गांव में मातम छाया है। वहीं जिम्मेदार अंजान होकर तमाशा देख रहे हैं। पुलिस की सहायता से तालाब के अंदर से किशोरी के शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

शनिवार को औटहिया गांव निवासी अमृत लाल की (16) पुत्री पुष्पा सुबह ग्यारह बजे लगभग डेढ़ किलो मीटर दूर मीरजहांपुर खेत की तरफ किसी काम से गई हुई थी।इसी बीच सन्दिग्ध परिस्थितियो में पुष्पा तालाब में डूब गई।वहीं दोपहर बाद जब किशोरी घर नही लौटी तो परिजनों को चिंता सताने लगी। इसके बाद परिजन खेत की तरफ खोजबीन के लिए गए तो तालाब के समीप किशोरी का चप्पल उतरा हुआ मिला।परिजनों को किसी अनहोनी की चिंता सताने लगी। इस दौरान तालाब के पास पैर फिसलने के निशान मिले।आनन-फानन घटना की सूचना पुलिस को देकर ग्रामीण तालाब में कूद गए। करीब आधे घंटे बाद किशोरी के शव को  तालाब से बरामद कर बाहर निकाला गया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए ठेकेदारों द्वारा मिट्टी की सैम्पलिंग के लिए तालाब के अंदर खोदाई की गई थी। पानी की गहराई में जाने से किशोरी की डूबने से मौत हो गई। विदित हो की सात जुलाई को औटहीया गांव में दो  बच्चों की तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी।कोतवाली प्रभारी नारायण कुशवाहा ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर शव को तालाब से निकलवाकर पीएम के लिए भेजा गया है।घटना की जांच की जा रही है।

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