Etawah News: बिजनौर से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुआ ने तोड़ा दम, दो दिन खबर दबाए रहा सफारी प्रशासन

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Edited By Amrit Vichar
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इटावा में बिजनौर से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुआ ने तोड़ा दम।

इटावा सफारी पार्क में एक सप्ताह पहले बिजनौर से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुआ की मौत हो गई। सफारी प्रशासन दो दिन बाद इस तेंदुआ की मौत की खबर को दबाये रहा।

इटावा, अमृत विचार। इटावा सफारी पार्क में एक सप्ताह पहले बिजनौर से रेस्क्यू करके लाए गए तेंदुआ की मौत हो गई। सफारी प्रशासन दो दिन बाद इस तेंदुआ की मौत की खबर को दबाये रहा। इटावा सफारी में डेढ़ महीने में शेरनी सोना के पांच शावक और एक भालू कुनी सहित अब तक सात वन्य जीवों की मौत हो चुकी है।  

इटावा सफारी में बिजनौर से रेस्क्यू करके एक तेंदुआ 12 अगस्त को लाया गया था। अस्पताल में इसका इलाज चल रहा था। 19 अगस्त को इस तेंदुआ की मौत हो गई। हालांकि सफारी प्रशासन ने 21 अगस्त को सुबह इसकी मौत की पुष्टि की है। इससे पहले सफारी में शेरनी सोना के पांच शावक और एक मादा भालू कुनी की मौत हो चुकी है।

इसके बाद तेंदुआ की मौत सफारी के लिए बुरी खबर है। यहां सफारी पार्क में तेंदुआ सफारी बनाई गई है लेकिन उसे अभी पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया है।  इसमें रखने के लिए तीन तेंदुआ लाए गए थे।  बाद में अलग-अलग स्थानों से रेस्क्यू करके भी तेंदुआ लाए गए और यहां नौ तेंदुआ है। बिजनौर से रेस्क्यू करके जो तेंदुआ लाया गया था उसकी आयु लगभग एक वर्ष बताई गई है।

सफारी के डिप्टी डायरेक्टर जयप्रकाश ने सोमवार की सुबह इस तेंदुआ की मौत 19 अगस्त को हो जाने की पुष्टि की है। सफारी में पिछले डेढ़ महीने से जिस तरह वन्यजीवों की मौत हो रही है उसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चलने लगी हैं। इसे लेकर डॉक्टरों की कमी की बात भी सामने आ रही है । सफारी में तीन डॉक्टर होने चाहिए लेकिन सिर्फ एक डॉक्टर यहां उपलब्ध है।  जरूरत पड़ने पर बाहर से डॉक्टर बुलाए जाते हैं लेकिन डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या जरूर है।

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