अयोध्या: डिलेवरी प्लेटफार्म लाइवेरा से डाटा चोरी कर 12 लाख ग्राहकों को लगाया चूना
ई कामर्स साइट के सीओडी से ग्राहकों की शिकायत पर हुआ राजफाश, कंपनी के नोडल अधिकारी ने डिलेवरी सेंटर के दो को नामजद करते हुए दर्ज कराई रिपोर्ट
अयोध्या, अमृत विचार। सोशल कामर्स प्लेटफार्म मीशो के अधिकृत डिलेवरी सेंटर संचालकों ने साइबर ठगों की मदद से कंपनी के डिलेवरी प्लेटफार्म लाइवेरा से 5.82 लाख ग्राहकों की व्यक्तिगत जानकारी अनाधिकृत रूप से चोरी कर 12 लाख ग्राहकों को चूना लगा दिया। इस डाटा से दिल्ली, नोयडा, लखनऊ स्थित ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर ठगों ने कंपनी के कैश आन डिलेवरी ग्राहकों को फोन कर आर्डर किये गए सामान की कीमत यूपीआई के माध्यम से अपने बैंक खातों में जमा करवा ली।
शिकायतों का अंबार लगने के बाद तकनीकी जाँच कराई गई तो मामले का राजफाश हुआ। कंपनी के नोडल अधिकारी ने बलरामपुर और फ़ैजाबाद स्थित डिलेवरी सेंटर संचालक दो को नामजद करते हुए नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ई कामर्स बेबसाइट व मोबाईल ऐप मीशो का संचालन करने वाली कंपनी फैशनियर टेक्नॉलाजीज प्राइवेट लिमिटेड के नोडल अधिकारी मूर्ति एसएन निवासी वैष्णवी सिग्नेचर आउटर रोड वेलनपुर, ब्रथूर कर्नाटक का कहना है कि बंगलौर स्थित मुख्यालय को तमाम ग्राहकों की ओर से कैश आन डिलेवरी के बावजूद पूर्व में ही फोनकर ऑनलाइन पेमेंट लिए जाने तथा डिलेवरी न दिए जाने की शिकायत की गई।
ग्राहकों से यह ठगी कैश आन डिलेवरी के बजाय यूपीआई से ऑनलाइन भुगतान करने पर तीव्र डिलीवरी व कीमतों में रियायत का वादा करके की गई, जबकि कंपनी की ओर से इस तरह की कोई पेशकश नहीं की जाती है। शिकायतों का अंबार लगने के बाद कंपनी ने जाँच कराई कि आखिर कामर्स साइट से खरीददारी करने वाले ग्राहकों का व्यक्तिगत डाटा साइबर ठगों के पास कहां से पहुँच रहा है।
आर्डर को विक्रेता से ग्राहक तक पहुंचाने के लिए कंपनी लाजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं से अनुबंधकरती है और प्रक्रिया के कुशल संचालन के लिए उनको लाइवेरा प्लेटफार्म उपलब्ध कराती है। 12 मई के बाद ही लगभग 227 ग्राहकों ने फ्राड काल मिलने की शिकायत की, जिनके आर्डर बलरामपुर डिलेवरी केंद्र से जुड़े थे। तकनीकी जाँच में पता चला कि फैजाबाद डिलीवरी सेंटर के माध्यम से 18 मई से 19 मई, 2023 के बीच 82 हजार और बलरामपुर केंद्र से 12 मई से 19 मई तक 5 लाख एवं मार्च एवं मई की शुरुआत के बीच 82 हजार ग्राहकों का डाटा डाऊनलोड किया गया।
दिल्ली, नोयडा, लखनऊ तक जुड़े तार
-कंपनी से कैश आन डिलेवरी आर्डर करने वाले 1745 ग्राहकों ने पिछले दो माह में कंपनी का कर्मी बता दिल्ली, नोयडा और लखनऊ से फर्जी काल कर डिलेवरी के पूर्व रकम खाते में जमा कराने की शिकायत कराई। डाटा का विश्लेषण किया गया तो पता चला कि सभी ग्राहक फ़ैजाबाद व बलरामपुर डिलेवरी केंद्र से जुड़े हैं। जिनको डाटा फ़ैजाबाद व बलरामपुर में डिलेवरी केंद्र चलाने वाले बालाजी ट्रेडर्स कंपनी के प्रोप्राइटर अनुराग शुक्ला व उनके साथी कृष्ण ने उपलब्ध कराई।
ग्राहकों के व्यक्तिगत डाटा का नाजायज इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते हुए कंपनी का नाम बता तथा मिलते-जुलते लोगो, ईमेल यूपीआई एआईडी आदि का इस्तेमाल कर 12 लाख ग्राहकों को ठगा गया। प्लेटफार्म पर ओटीपी व्यवस्था होने के बावजूद डेटा एक मिनट के भीतर सैकड़ो डाटा डाउनलोड किये गए, जो बिना किसी साइबर जानकर की मिलीभगत के संभव नहीं है। नोडल अधिकारी का कहना है की लगभग 2,17,864 ने आर्डर कैंसिल कर दिया, 5,02,092 ठगी गई रकम वापस मांग रहे हैं, जिससे कंपनी को वित्तीय नुकसान तथा उसकी साख धूमिल हुई है। शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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