बरेली: शहर से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया का प्रकोप
बरेली, अमृत विचार। जिले में मलेरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब तक मलेरिया के 1100 मरीज सामने आ चुके हैं, इनमें सबसे ज्यादा 1093 मरीज देहात क्षेत्र के हैं, जबकि शहरी इलाके में महज सात मरीज ही सामने आए हैं। मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी और शेरगढ़ ब्लॉक में सबसे ज्यादा मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शहरी क्षेत्र में सात मरीज प्लाज्मोडियम वाईवैक्स के मिले हैं। देहात में 1093 मरीजों में 33 प्लाज्मोडियम फाल्सीफेरम और 1060 प्लाज्मोडियम वाईवैक्स के मिले हैं।
मीरगंज ब्लॉक में अब तक 422 मामले मलेरिया के दर्ज हुए है, इसमें ठिरिया कल्याण गांव के सर्वाधिक है। फतेहगंज पश्चिमी में करीब 145 और शेरगढ़ में 350 के आसपास मरीज मिले हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डीआर सिंह ने बताया कि मलेरिया की पुष्टि होने पर आशा कार्यकर्ता की ओर 14 दिन के लिए निर्धारित डोज के साथ दवा दी जाती है। साथ ही मरीजों का फॉलोअप करती हैं। एक संस्था की ओर से गांवों में प्रहरी तैनात कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर लार्वा की जांच करने के लिए टीम भेजने का दावा किया है।
हर बुखार मलेरिया नहीं
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल वाजपेयी ने बताया कि इन दिनों बुखार के अधिकांश मरीजों में मलेरिया के लक्षण मिल रहे हैं, लेकिन सभी में इसकी पुष्टि नहीं हो रही है। तीन से छह दिन की दवाओं से मरीजों को आराम मिल रहा है। उन्होंने बताया कि हर बुखार को मलेरिया नहीं समझना चाहिए लेकिन सुरक्षा के लिहाज से खून की जांच जरूर करानी चाहिए ताकि उसी हिसाब से उपचार हो सके।
वर्ष 2018 में जिला मलेरिया के मामलों में प्रदेश में अव्वल रहा है, इसलिए मलेरिया व अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। सीएचसी-पीएचसी प्रभारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. बलवीर सिंह, सीएमओ
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