बरेली: दो बर्खास्त शिक्षकों की चल-अचल संपत्ति को नीलाम कर होगी 73.91 लाख की वसूली
बरेली, अमृत विचार। फर्जी बीए एवं बीपीएड के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी नौकरी हथियाने वाले बर्खास्त शिक्षक उमेश कुमार और विनय कुमार की अब चल और अचल संपत्ति को नीलाम कर 73.91 लाख की वसूली की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग के कई नोटिस को दोनों आरोपी नजरअंदाज करते आ रहे हैं। नियुक्ति की तिथि से बर्खास्त होने से पहले वेतन में मिली धनराशि वसूलने के लिए बीएसए संजय सिंह ने एडीएम वित्त एवं राजस्व संतोष बहादुर सिंह को चिट्ठी भेजी है।
दोनों आरोपी शिक्षक गांव लोनार, जिलस हरदोई के रहने वाले हैं। एडीएम फाइनेंस की ओर से जल्द आरोपियों को रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी की जाएगी। बीएसए ने एडीएम फाइनेंस को 17 अगस्त को भेजी चिट्ठी में कहा है कि 29 जुलाई को स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना महानिदेशक की ओर से बर्खास्त शिक्षकों से रकम वसूल कराने के पुन: निर्देश मिले हैं। छह बर्खास्त शिक्षकों की सूची भी उपलब्ध कराई थी। चार बर्खास्त शिक्षकों को वेतन ही नहीं दिया गया था, लेकिन दो बर्खास्त शिक्षकों में उमेश और विनय कुमार को वेतन दिया गया था।
उमेश कुमार पुत्र रामप्रसाद बर्खास्त सहायक अध्यापक प्रा. वि. बरगवां और विनय कुमार पुत्र नंदलाल सहायक अध्यापक प्रावि भैसया ब्लॉक बहेड़ी में कार्यरत थे। दोनों से रिकवरी कराने के लिए 1 जनवरी 2021 को भी पत्र जारी किया गया था। एसटीएफ की जांच में बीए एवं बीपीएड के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र कूटरचित एवं फर्जी मिले थे। दोनों के विरुद्ध बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। दोनों शिक्षकों की सेवाएं बीएसए कार्यालय से 6 मई 2019 को समाप्त कर दी गई थीं।
कार्यालय अभिलेखागार के अनुसार 20 दिसंबर 2010 से माह मार्च 2019 तक की अवधि में उमेश कुमार को 36 लाख 95 हजार 520 रुपये और विनय कुमार को 36 लाख 96 हजार 8 रुपये का वेतन भुगतान किया गया था। इस संबंध में दोनों बर्खास्त शिक्षकों से रकम जमा कराने के लिए कहा गया लेकिन दोनों ने कोई जानकारी नहीं दी।
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